रोशन सिंह बम्भोले….
उतई । एनीमिया एवं कुपोषण के स्तर को कम करने के उद्देश्य से पोषण अभियान अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका विकसित की जा रही हैं। अजय कुमार साहू बाल विकास परियोजना अधिकारी दुर्ग ग्रामीण ने बताया कि इस बार लगभग 92 आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है । इसी कड़ी में ग्राम कातरो के 1 आंगनबाड़ी केंद्र में खाली जगह में पोषक वाटिका तैयार किया गया है जिसमें विभिन्न पौष्टिक फल और सब्जियां लगाने की तैयारी की जा रही हैं। इसके पूर्व में भी बरसात व ठंडी में केंद्र के बच्चो और गर्भवती माताओं को पौष्टिक फल और सब्जियां स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो जाता है। आंगनबाड़ी केंद्र में गर्म भोजन के दौरान सप्ताह में कम से कम 2 से 3 दिन की सब्जियां पोषण वाटिका से ही उपलब्ध हो जाती है। पपीता केला भी लगभग हर दूसरे दिन बच्चे बड़े चाव से खाते। कार्यकर्ता सुषमा साहू और सहायिका पुष्पा द्वारा हर दिन केंद्र संचालन के बाद पोषण वाटिका की देखरेख के लिए पर्याप्त समय देने के कारण यहां हर मौसम अनुसार सब्जियां फल उपलब्ध होता रहता है। इस कार्य में गांव की महिला समूह की सदस्य पुष्पा साहू द्वारा भी कई बार बीज आदि उपलब्ध कराया जाय है। केंद्र में पोषण वाटिका के लिए बहुत पर्याप्त जगह है और कार्यकर्ता सहायिका के द्वारा बच्चो के लिए इस सेवा भाव को देखते हुए पंचायत द्वारा पोषण वाटिका क्षेत्र में बाउंड्री वॉल करवाया गया और मिट्टी डलवाया गया है ताकि और बेहतर रूप से पोषण वाटिका को विकसित किया जा सके।

आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका होने से बच्चो का भी मन लगा रहता है, बच्चे जब आंगनबाड़ी आते थे तो सबसे पहले यही देखते कि आज क्या क्या फल और सब्जियां है ? आंगनबाड़ी के बहुत से बच्चे जो सब्जियां नहीं खाते थे वे भी अब सब्जियां शौक से खाने लगे हैं। देविका निषाद, सोनू साहू, मेघा साहू इन बच्चो के माता पिता यही कहते थे कि घर में बच्चे खाना अच्छे से नहीं खाते और सब्जी बिल्कुल भी नहीं खाते परन्तु आंगनबाड़ी मे सभी बच्चो के साथ और अपने ही केंद्र में पोषण वाटिका की सब्ज़ी फल आदि देखकर वे बच्चे भी अब सब्जियां रुचि पूर्वक खाने लगे हैं। दूसरे चरण मे केंद्र में 3 मध्यम कुपोषित बच्चे चयनित थे जिन्हे रोज आंगनबाड़ी मे जो भी फल सब्जियां उपलब्ध होती खिलाया जाता था इन बच्चो के वज़न में अच्छी वृद्धि हुई है। इस आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज़ बच्चो के विरुद्ध उपस्थिति हमेशा बहुत अच्छी रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का कार्य पोषण वाटिका तैयार करने में बहुत ही सराहनीय रहा है।अब पुनः पोषण वाटिका में सब्जी और फल लगाने की तैयारी में जुटी हुई है ।
