? संवाददाता तेनसिंह मरकाम गरियाबंद
कोरोना संक्रमितों को हायर सेंटर रेफर करने हो या फिर जिला अस्पताल ,कोविड सेंटर में मृत हुए मरीजो को लाने के लिए अमलीपदर व मैनपुर मूख्यालय में शव वाहन की कमी थी।अप्रेल माह में कई केस ऐसे आये जिसमे शव वाहन की कमी के कारण 24 घण्टो बाद भी परिजनों को शव नही ला पा रहे थे।जिला मुख्यालय में एक मात्र शव वाहन था,दूसरा निजी संस्था के मदद से चल रहा था।ऐसे में जिला मूख्यालय से दुरस्त अमलीपदर इलाके में वाहन की कमी के कारण मृतक के परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।दुर्घटना या मर्ग के मामले में भी शव को पीएम करवाने या लाने ले जाने की सुविधा यंहा मौजूद नही थी।ग्रामीणों को ऐसे वक्त में शव वाहन के लिए भारी कीमत चुकाना पड़ रहा था।जीप अध्यक्ष स्मृति नीरज ठाकुर ने इस के निदान के लिए कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर को पत्र लिख एम्बुलेंस की मांग किया था।मामले को कलेक्टर ने गम्भीरता से लेते हुए अमलीपदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए एक एक एम्बुलेंस की स्वीकृति दिया था।आज वाहनों को जिला कार्यालय से जीप अध्यक्ष श्रीमती ठाकुर ने हरीझंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर सीएमएचओ एन आर नवरत्न के अलावा जिला पंचायत के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।जीप अध्यक्ष के इस पहल के लिए मैनपुर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भोला जगत,अमलीपदर की ललिता यादव,वरिष्ठ कांग्रेसी सेवन पुजारी,जगदीश अवस्थी ,गोवर्धन ताम्रकार,नीरज ठाकुर,उमेश डोंगरे,पंकज मांझी ने धन्यवाद ज्ञापित किया है।
