मुंबई मॉडल अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से अब यह तीसरी मांग

  • बच्चों को बचाना है, इसलिए चाईल्ड कोविड केयर सेन्टर्स विकसित करने शिवसेना जिलाप्रमुख डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय ने दी सरकार को सलाह

● समय रहते शिवसेना शासित महानगर पालिका के मुंबई मॉडल को अपनाने पर देशभर की जनता का होगा कल्याण

जगदलपुर। सरकारी तंत्र के कुशल प्रबंधन व दमदार नेतृत्व क्षमता के बल पर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में नियंत्रण में आ रही है, इस समय उत्तरी या पश्चिमी राज्यों में जब कोरोना संक्रमण त्राहि मच रही है अपेक्षाकृत छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में स्तिथी अच्छी है।

देशभर में अब १८ वर्ष से कम उम्र के बच्चों में ख़तरनाक मानी जा रही कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर के आने का अनुमान विशेषज्ञों ने व्यक्त किया है। जिस समय देश के कई राज्य कोरोना के दूसरी लहर से ही लड़ने में अक्षम साबित हो रहे हैं ऐसे में कोरोना की इस आपेक्षित तीसरी लहर से निपटने के लिए शिवसेना शासित मुंबई महानगरपालिका ने विशेष रूप से चाइल्ड कोविड केयर सेन्टर्स की स्थापना अभी से ही कर ली है। यही नही मनपा के महापौर और आयुक्त द्वारा बच्चों में यदि संक्रमण फ़ैलता है तब उझसे निपटने के लिए शिशु रोग विशेषज्ञों व अन्य लोगों की एक टास्क फोर्स भी बना रखी है।

शिवसेना की अगुवाही में महाराष्ट्र में महाविकास अगाड़ी की सरकार ने केंद्र की सत्ता व स्थानीय स्तर पर भी उपस्थित उनके लोगों के तमाम अड़चनों के बावजूद शिवसेना प्रमुख श्री. उद्धव ठाकरे जी के बुद्धिमत्ता और नेतृत्वक्षमता के बल पर ही इस कोरोना संक्रमण के दौर में लगातार विषम परिस्थितियों से लड़कर आज देश ही नही बल्कि विश्व भर में एक मिसाल क़ायम कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए गए बेहतर प्रदर्शन व मुंबई मॉडल ने विश्व में भी देश का मान बढ़ाया है।

शिवसेना के लोककल्याणकारी नीतियों से ही प्रभावित जनता लगातार शिवसेना को ही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई महानगर पालिका की कुर्सी संभालने का अवसर देती आई है। जोकि शिवसेना के प्रति जनता के विश्वास का ही सबूत है। इसी मनपा ने कई ऐसे विधियों को इस कोरोना संकट के दौर में निजात किया है जिससे कि जनकल्याणकारी रिजल्ट पाए गए हैं। शिवसेना बस्तर के जिल्हाप्रमुख डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ की सरकार से समय रहते ही मुंबईमॉडल अनुसार बच्चों के लिए पृथक चाइल्ड कोविड केयर सेंटर्स विकसित करते हुए इनमें सेवा देने के लिए शिशु व बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की टास्क फ़ोर्स समय रहते ही बना लेने एवं छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नगर निगम क्षेत्रों में ऐसे जनहितैषी विधियों को लागू करने की सिफारिश किया है।

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