बालोद ! रिलाइंस फाउंडेशन कोरोना वायरस के चलते कृषि कार्य के लिए किसानो को डिजिटल माध्यम से किसान भाई सीधे कृषि विशेषज्ञासे जुड़ कर खेती की तैयारी के साथ किसानो ने अपने समस्या को सामने रखा ! बालोद जिला में खरीफ फसल किसानो की आमदनी का सहारा है इसके लिए खेती की परंपरागत विधि व मिट्टी के गुणों ,व जैविक खेती से मिट्टी मजबूत रहेगा और उत्पादन के बारे में जानकारी ली !
कृषि विशेषज्ञ मैडम श्रीमति अल्का साहू ने चर्चा करते हुए कहा की कोरोना महामारी के चलते शिविर का आयोजन नहीं कि जा सकते है इसे ध्यान में रखते हुए किसानो को खेती की तैयारी, व जैविक खेती भारत वर्ष में प्राचीन काल से की जा रही है पहले कृषि के साथ साथ गौ पालन किया जाता था , जिसके प्रमाण हमारे ग्रांथो में प्रभु श्री कृष्ण और बलराम है !किसान भाई अपने खेतो की मिट्टी की उर्वरक शक्ति व मिट्टी की गुणों बड़ाने के विषय में की गई साथ ही खेतो में गोबर खाद का उपयोग, व बीज का छिडकाव के बारे में जानकारी के साथ साथ अन्य जानकारी दी गई !
किसान भाइयो को सलाह दी गई की खेतो में अभी मिट्टी की जाँच कराने व मेड़ो की मरमत के साथ साथ गोबर खाद को छिडकाव करने के बारे में व अन्य सलाह दिया गया !इस तरह लगभग बालोद जिला के चार से पांच गांव के 25 से 30 इस कार्यक्रम में सम्मीलित हुए !
उक्त चर्चा में रिलाइंस फाउंडेशन के प्रमुख भूपेंद्र साहू ने कार्यक्रम में किसान नि: शुल्क नंबर 1800-419-8800 की जानकारी दिया जिसमे मौसम, कृषि, पशुपालन जैसे विषयो के बारे में विशेषज्ञ द्वारा जानकारी मिलती है !
कोरोना वायरस के बीच किसानो को खेती की तैयारी के बारे में जानकारी
