प्लाज्मा थैरेपी शुरू करने को लेकर साहू समाज ने स्वास्थ्य मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन …शासकीय मेडिकल अस्पताल में कंपोनेंट एवं प्लाज़्मा थैरेपी जल्द चालू करें स्वास्थ्य विभाग

राजनांदगांव। वर्तमान में कोविड महामारी से पूरा प्रदेश के साथ साथ हमारा जिला राजनांदगांव भी इससे अछूता नही है वर्तमान परिस्थितियों में कोविड के मरीजों के लिए प्लाज़्मा की आवश्यकता पड़ती हैं लेकिन ये हमारे जिले का दुर्भाग्य है कि जिले के सबसे बड़े अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल चिकित्सालय में कंपोनेंट एवम प्लाज़्मा थैरेपी की सुविधा नही है जिसके परिणाम स्वरूप कोविड व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजो को प्लाज़्मा हेतु भिलाई व नागपुर जैसे बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता हैं जहा उनके मानसिक शारिरिक आर्थिक परिस्थितियों में प्रभाव पड़ता है जिसे लेकर आज नगर साहू समाज डोंगरगढ़ के द्वारा तहसीलदार जी को स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री मंत्री जी के नाम ज्ञापन देकर जल्द से जल्द शासकीय ब्लड बैंक राजनांदगांव में कंपोनेंट एवं प्लाज़्मा थैरेपी शुरू करने की मांग

ये होती है प्लाज्मा थेरेपी :- दरअसल प्लाज्मा खून का ही एक हिस्सा है। यह बॉडी में करीब 52 से 62 फीसदी तक होता है। इसका रंग पीला होता है। इसे खून से अलग किया जाता है। कोविड -19 से ठीक हो चुके मरीजों में एंटीबॉडी विकसित हो चुकी होती है। कोविड से ठीक हुए मरीजों की बॉडी से खून निकाल कर उसमें से प्लाज्मा अलग किया जाता है। और यह कोविड मरीजों को चढ़ाया जाता है। हालांकि प्लाज्मा में एंटीबॉडी बन गई होती है इसलिए इससे मरीज जल्दी रिकवर होता है। डॉक्टरों के मुताबिक एक व्यक्ति के प्लाज्मा से 2 मरीज ठीक हो सकते हैं। बता दें कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ब्लड देने के बाद उसमें से प्लाज्मा किसी दूसरे मरीज को चढ़ाने की प्रक्रिया को कंवलसेंट प्लाज्मा थेरेपी कहते हैं।

पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण अध्यक्ष ने लिया संज्ञान में :- इस विषय की जानकारी जब पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दलेश्वर साहू जी को इस विषय से परिचित कराया तो उन्होंने इस विषय की गंभीरता दिखाते हुए तत्काल मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा कर जल्द से जल्द शुरू कराने करने की बात कही

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