पृथ्वी दिवस पूरी दुनिया में एक साथ मनाया जाने वाला एक वार्षिक आयोजन है जिसे पूरे विश्व से पूरे विश्व में 192 देश एक साथ 22 अप्रैल के दिन मनाते हैं. यह दिन मुख्य रूप से विश्व के पर्यावरण संबंधी मुद्दों और कार्यक्रमों पर निर्भर रहता है। पृथ्वी दिवस का मुख्य उद्देश्य शुद्ध हवा पानी और पर्यावरण के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
पृथ्वी दिवस का आयोजन रिलायंस फाउंडेशन के द्वारा 22 गांव सा 60 प्रतिभागियों के साथ ऑनलाइन किया गया। इनमें बांसुला, डोम्हाटोला, बुंदेलीकला, बखत रेंगाकठेरा, भानपुरी, मनकी, धनगांव, नवागांव, खपरीकला, बागतराई, आरगांव, कीरगी, बोदला, सिवनीखुर्द, सिंगारपुर, नाथू नवागांव, कोपेडीह, सालीकझीटिया, मचानपार, पेटेश्री व केसला गांव के 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया.
इस बार पृथ्वी दिवस का विषय रिस्टोर द अर्थ, पृथ्वी की पुनर्स्थापना विषय पर था
जिसके लिए लोगों को जागरूक किया गया कि वह अपने पर्यावरण की सुरक्षा कैसे करें। स्थानीय स्तर पर अपने पर्यावरण व धरती को बचाए रखने के लिए जल की सुरक्षा अनिवार्य है अतः जल स्रोतों को ध्यान पूर्वक सुरक्षित करें और जल का सदुपयोग करें।
मिट्टी किसानों के लिए पूंजी के समान है अतः कृषक अपने मिट्टी जाने के अपने पूंजी का ध्यान रखें मिट्टी कटाव को रोकना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है क्योंकि फसल उर्वरा शक्ति से ही आती है।
सांस लेने के लिए शुद्ध हवा सबके लिए अनिवार्य है अतः हर एक व्यक्ति शुद्ध हवा के लिए अपने अपने स्तर पर प्रयास करें शिक्षकों से विशेष आग्रह है कि अपने खेत में पराली धान के चारे को ना जलाएं यह एक अति उत्तम प्रकार का चारा है जैसे पशुओं को खिलाया जा सकता है और जो खराब है उसे कंपोस्ट बना करके रिसाइकल किया जा सकता है।
आवश्यकता से अधिक रासायनिक खाद व कीटनाशकों का प्रयोग अपने खेतों में ना करें यह कीटनाशक मित्र एवं शत्रु दोनों पर एक समान असर करते हैं अतः हम प्रयास करें कि हमें स्थानिक संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल करें वाह व रासायनिक उत्पादों का अनावश्यक प्रयोग से धरती के होने वाले नुकसान को बचाएं।.
