दुर्ग। छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग ने आज आदेश जारी कर मुख्यमंत्री राहत कोष में स्वेच्छा से योगदान हेतु अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन से एक दिन की राशि कटौती हेतु कहा है।
एसोसिएशन आफ इंजीनियरिंग एंड पोलीटेक्निक कालेज टीचर्स गजेटेड आफिसर्स आफ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे ने कहा कि, छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने दिनांक 22 अप्रैल को समस्त कार्यालय प्रमुख, आहरण संवितरण अधिकारी एवं समस्त कोषालय अधिकारियों को संबोधित पत्र जारी कर, कोविड 19 से प्रभावित प्रदेश के जरुरतमंद लोगों की सहायता हेतु, अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मुख्यमंत्री सहायता कोष में अप्रैल माह के वेतन से एक दिन के वेतन की कटौती करते हुए सहायता कोष में जमा करने का अनुरोध किया है। पत्र में एक ओर एक दिन का वेतन स्वेच्छा से देने का कहा गया, वहीं बिंदु क्रमांक तीन पर अप्रैल माह के वेतन से एक दिवस की राशि की कटौती सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व संबंधित कार्यालय प्रमुख व आहरण एवं संवितरण अधिकारी का होगा कहा है।
इस प्रकार वित्त विभाग से जारी पत्र के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारीयों में भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है ।
वराठे ने कहा कि वित्त विभाग के द्वारा जारी पत्र के विषय में स्वेच्छा से योगदान का उल्लेख किया गया है । जबकि पत्र के बिंदु क्रमांक 2 में अधिकारियों- कर्मचारियों के अप्रैल माह के वेतन से एक दिन के वेतन की राशि कटौती कर बजट शीर्ष में जमा करने लिखा गया।
इसलिए विभिन्न कार्यालयों के आहरण संवितरण अधिकारी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन स्वेच्छा अनुसार काटा जाना है या अनिवार्यतः एक दिन का काटा जायेगा।
विगत वर्ष भी अप्रैल माह से एक दिन के वेतन कटौती संबंधित आदेश से भ्रम की स्थिति निर्मित हुई थी । विगत वर्ष भी कोषालय के सॉफ्टवेयर में ऑप्शन नहीं होने के कारण एक दिन का वेतन बिना कांटे कंप्यूटर कर्मचारियों के वेतन बिल को एक्सेप्ट नहीं कर रहा था। बाद में इस पर वित्त विभाग से संगठनों ने पत्राचार कर सॉफ्टवेयर में ऐच्छिक कटौती ऑप्शनल का विकल्प दिया गया था। इस बार भी यदि कोषालय साफ्टवेयर में स्वेच्छा से कटौती का विकल्प नहीं दिया गया होगा तो कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन से एक दिन का वेतन अनिवार्य रूप से काटा जाएगा।
अतः इस संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी होने चाहिए।
मुख्यमंत्री राहत कोष में, अप्रैल माह के वेतन से एक दिन का स्वेच्छा से हो अनुदान-प्रांताध्यक्ष शंकर वराठे
