धमतरी। जिला के कुरूद ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम सिलौटी में महिला कृषि के साथ मुख्यमंत्री द्वारा संचालित नरवा, गरवा, घूरवा, बाड़ी परियोजना के अंतर्गत ग्राम पे पड़ी बंजर भूमि पर संचालित पोषण आहार वाटिका जो ग्राम मे बिहान के अंतर्गत स्वम् सहायता समूह बनाकर महिलाओं द्वारा ग्राम सिलौटी की महिलाअो को सब्जी भाजी लगाने के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है |
जहां जय माँ कोदो रास स्व सहायता समुह है। यहाँ कि महिला समुह सक्रिय हैं यहां खेती बाड़ी के साथ साथ अन्य कार्य किया जाता है सीमा साहू महिला समुह से है जिसकी उम्र 35 शिक्षा 10 वीं तक है तथा उसके परिवार में 3 सदस्य हैं उनके पति एवम 1 पुत्री जिसमें परिवारीक खर्च किसानी और रोजी मजदूरी के माध्यम से चलते हैं।
सीमा साहू ने बताया कि वो इस समूह मे पिछले एक दो वर्षो से जुड़ी हुई है जिसमे समूह द्वारा ग्राम पंचायत से जमीन बहुत कम दर लिया गया है जिसमे सभी महिला को 50-50 डिसमिल् जमीन दिया गया लेकिन जनकारी के अभाव मे सीमा साहू अच्छे से सब्जी भाजी नही लगा पा रही थी फिर एक दिन रिलायंस फाउंडेशन के कार्यकर्ता द्वारा 26.4.2020 ऑडियो कॉन्फ्रेंस की जनकारी मिली उस समय कोरोना काल का लॉक डाउन पुरे देश मे लगा था जिसमे वह समिलित हुई जिसमे उसने सब्जी भाजी लगाने की वैज्ञानिक पद्धति के बारे मे चर्चा हुई जिसमे उसने सब्जी लगाने की जनकारी ली उसके बाद वह रिलायंस फाउंडेशन की सेवा से प्रभावित हुई उसने बाद श्रीमति सीमा साहू समय समय पर रिलायंस फाउंडेशन के विभिन्न कार्यक्रम मे समिलित होने लगी तथा कुछ टोल फ्री के माध्यम से जनकारी लेती गई उसके बाद सीमा साहू ने सेम की फसल पुरे 50 डिसमिल् मे लगाया |
27/11/2020 के आडियो कंफ्रेस मे समिलित हुई जिसमे उसने सेम की अच्छी पैदावरी के लिए वैज्ञानिको से जनकारी ली तथा उसमे मिली जनकारी फल फुल झड़ने से रोकने की जनकारी पल्फोनोफिक्स 50 मिली प्रति एकड़ स्प्रे करने की जनकारी डा. प्रेम साहू कृषि विज्ञान केन्द्र धमतरी दिया गया |
उसके बाद श्रीमति सीमा साहू ने समय समय सेम की खेती की जानकारी कृषि विशेषज्ञों से लेती गई फिर उसने अपने 50 डिसमिल् जमीन पे आठ दस तुडाइ करने के बाद18 कुंटल सेम का उत्पादन किया जिसे उसने 18 रुपये किलो पर बेचकर उसने 32,400 रुपए की आय प्राप्त की |
उसके बाद 32,400 रुपए मे सभी खर्च काटने के बाद भी उसे 20,000 रुपए की प्राप्ति हुई उस रुपयो से सीमा साहू अपने बेटी के लिए साइकल् खरीदी जिससे वह स्कूल जा सके बचे हुए रुपयो को बैंक मे जमा कर अपने जीवन व्यापन तथा खेती करने के लिए सरक्षित किया |
महिला समूह के किसान ने इस मुल्यवान जानकारी के लिए रिलायंस फाउंडेशन और कृषि विज्ञान केंद्र धमतरी का आभार व्यक्त किया और भविष्य मे इसी प्रकार की जानकारी मिलते रहने की आशा करते हुए धन्यवाद कहा |
पोषण वाटिका मे सब्जी लगाकर महिला कृषक हुई आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर
