परमिशन मिला कार्य के लिए या भ्रष्टाचार के लिए कार्य की गुणवत्ता पर उठ रहे हैं सवाल कोविड19 धारा 144 का उलघन ठेकेदार द्वारा

लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद। एक ओर पूरे राज्य में महामारी अपने चपेट में ले रहा हैं। और साथ ही जिले भर में धारा 144 व लाकडाउन लगा हुवा हैं। लेकिन हमारे जिले के सब डिवीजन जल संसाधन विभाग पांडुका व फिंगेश्वर संभाग में लॉकडाउन के दौरान करोड़ों रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं, पांडुका संभाग में ठेकेदार द्वारा पश्चिम बंगाल से लगभग 20, 30 मजदूर ला कर कार्य कराए जा रहे है। कार्य तो हो रहा हैं पर इन कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है, ठेकेदार अपनी मनमर्जी से कार्य करवा रहे हैं, संबंधित विभाग के कर्मचारी, इंजीनियर जो कार्य हो रहे है वहां पर देखने तक नहीं जा रहे हैं।
ऐसे में कैसे कह सकते है कि कार्य गुणवत्ता पूर्वक हो रहा हैं। क्या बाहर से आये मजदूर इस कार्य में एक्सपर्ड है। एक जंगह 20,30 मजदूर कार्य करके धारा 144 की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कोविड 19 का कोई पालन नही हो रहा हैं जाँच समिति बनी हुई हैं कोविड 19 का पालन नही करने वालो पर कार्यवाही के लिए वो भी देखते हैं क्या कार्यवाही करेंगे।
वही कार्यों में लापरवाही स्पष्ट देखी जा सकती है, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार के ऊपर जिला प्रशासन इतना मेहरबान है कि उन्हें क्लीन चिट दे दिया है, शायद भ्रष्टाचार करने का, जैसा चाहे वैसा कार्य करवाएं। लापरवाही के मामले में जिले के जल संसाधन विभाग का नाम सबसे पहले है। देखा जाए तो प्रशासन ने इस तरह के घोर लापरवाही को लेकर क्लीन चिट देना समझ से परे है।
नहर कार्य मे मुरुम की जरूरत होती हैं मुरुम लाये जा रहे है वो भी चोरी से कोई पिटपास नही है धड़ल्ले से रात दिन खोदाई व सप्लाई कर रहे है संबंधित खनिज विभाग के दो महान कर्मचारी तो ऐसे है जिन्हें कुछ जानकारी लेने के लिए फोन लगते है पर वो दोनों फोन उढ़ाते ही नही
जो शायद अपने आप को कलेक्टर से भी उच्य अधिकारी समझते हैं।
जाते रोज है दौरे पर
पर कार्यवाही शून्य
हैं पर शायद इतना तो होगा ही कि भारवाही हो जाती होंगी?।
वही एक ओर यातायात व थाना प्रभारी भी महज कुछ ट्रेक्टरों पर कार्यवाही कर के अपना कार्य पूरा कर लेते हैं परंतु थाने के सामने से कइयों अवैध रूप से चलने वाले ओवर लोड ट्रको पर कब करेंगे कार्यवाही?
ये भी समझ से परे हैं
जिला प्रशासन के मुखिया का स्पष्ट कहना है कि लॉकडाउन के दौरान शासकीय कार्यों के लिए किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगा है, बल्कि कोविड-19 का पालन करते हुए शासकीय कार्य कराए जा सकते हैं, विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा के दौरान कलेक्टर निलेश कुमार क्षिरसागर ने कहा कि शासकीय कार्यों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है।
कलेक्टर से सीधे बातचीत हुई
-जल संसाधन संभाग अंतर्गत पांडुका सबडिवीजन में नहर नाली का कार्य चल रहा है जहां बाहरी मजदूर काम कर रहे हैं?
— शासकीय महत्त्व के कंट्रक्शन कार्य चलते हैं जिसमें ज्यादा मजदूरों की आवश्यकता रहती है, ऐसे कार्यों के लिए परमिशन है, नहर लाइनिंग कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्य हो, कार्य एक बार रुक जाता है तो शुरू करने में कठिनाई होती है, यह समर सीजन है, बारिश में नहीं कराया जा सकता है। इसलिए कार्य कराने की अनुमति दी है।
-विभागीय कार्य मे लॉकडाउन का उल्लंघन किया जा रहा है?
— कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा, इसके निर्देश विभागीय अफसरों को दिए हैं, ताकी कोरोना संक्रमण से बचा जा सके।

  • कार्यों में दूसरे राज्यों के मजदूर लाए गए हैं?
    — मजदूर पूर्व से हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, कार्य करने की अनुमति दी है।
    -रात में मुरूम की खुदाई हो रही है?
    — हमारे पास से अनुमति हो तो रात में मुरूम की खुदाई कर सकते है

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