? ब्यूरो रिपोर्ट विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
मैनपुर/गरियाबंद:- छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन में मैनपुर एवं गरियाबंद के सहायक शिक्षक संवर्ग अपनी एक सूत्रीय प्रमुख मांग वेतन विसंगति दूर करने एवं क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब में शामिल हुए।संघ् के मैनपुर ब्लॉक प्रतिनिधि उमेश श्रीवास ने बताया कि संविलियन के उपरान्त भी सहायक शिक्षक संवर्ग के वेतनमान में किसी प्रकार का सुधार नही हुआ है।जिसके कारण प्रतिमाह 10 से 12 हजार का नुकसान हो रहा है।

इतना ही नही बल्कि 15 से 23 वर्षों से एक ही पदों पर कार्यरत हैं फिर भी आज पर्यन्त पदोन्नति का भी लाभ नही मिला।जिसके बदले क्रमोन्नत वेतनमान कि मांग लम्बे समय से की जा रही है।ज्ञात हो कि चुनाव के पूर्व सरकार नें अपने जनघोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आते ही सहायक शिक्षक संवर्ग के वेतन विसंगति को दूर किया जावेगा।लेकिन अभी तक मांग पूरी नही होने से सहायक शिक्षकों का रायपुर धरना प्रदर्शन में जनसैलाब उमड़ पड़ा साथ ही सरकार के विरोध में भारी आक्रोश देखनें को मिला।सहायक शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगो के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित किया।सहायक शिक्षकों के मांगों को गम्भीरता दिखाते हुए चर्चा हेतु शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने प्रांतीय पदाधिकारियों को आमंत्रित किया और चर्चा करते हुए पूर्ण आश्वासन दिया है कि आगामी समय में वेतन विसंगति को दूर किया जावेगा।जिसके बाद एक दिवसीय धरना प्रदर्शन को खत्म किया गया।आंदोलन में गरियाबंद जिला एवं छ.ग. सहायक शिक्षक फेडरेशन इकाई- मैनपुर के पदाधिकारी एवं सहायक शिक्षक संवर्ग ने बढ़चढ़कर हिस्सा लेकर अपनी आवाज़ बुलन्द किया।तथा फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष् मनीष मिश्रा से सौजन्य मुलाक़ात कर जिला एवं ब्लॉक के विभन्न समस्याओं से अवगत कराया।जिसमें प्रमुखरूप से छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन इकाई मैनपुर प्रतिनिधि उमेश श्रीवास अजय सिन्हा,रासबिहारी नागेश, सजंय कश्यप,वीरेंद्र यादव, भोलासिंह मांझी,महेंद्र यादव सुनाधर मांझी,सुनील कुमार सूर्यवँशी,जनसिंह मांझी,चैनसिंह नागवंशी,नेगराज यादव गिरजाशंकर वैष्णव,कृष्ण कुमार प्रधान,गरियाबंद से कुबेर मेश्राम,द्वारका प्रसाद सिन्हा,देवेन्द्र वर्मा,महिला मोर्चा से श्रीमती पूर्णिमा सेठ,लताबेला मोंगरा, डुमेश्वरी खापर्डे,एवं संगीता पाटिल सहित बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक संवर्ग शामिल हुए।
