पाटन. ग्राम अचानकपुर में आयोजित पांच कुंडीय यज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के तीसरे दिन कथावाचक चेलादास वैष्णव ने कहा माँ की बात जो मान ले उसे दुनिया का कोई ताकत हरा नही सकता । माँ की आँचल में बहुत ताकत है। जिस तरह से दुर्योधन ने अपनी माँ की बात नही मान कर श्रीकृष्ण की बात मानी जिसके कारण दुर्योधन की मौत का कारण बना। दुनिया के हर इंसान को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। अनुशाशन के साथ अनुबन्ध पर चर्चा करते हुए कहा कि हमे अपने जीवन एवं मे किसी प्रकार से अनुशासन का पालन नही करते तो जीवन निरर्थक है। जीवन मे अनुशासन के साथ संकल्प की आवश्यकता है बगैर संकल्प की अपने लक्ष्य की प्राप्ति नही की जा सकती।
पं. वैष्णव ने आगे बताया कि पुराणों में भगवान कल्कि को घोड़े पर सवार हाथ में तलवार लिए दिखाया गया है। घोड़ा शक्ति का एवं तलवार सिर काटने (विचार बदलने)का प्रतीक है। कल्कि भगवान निराकार होंगे और वे अपने भक्तों के माध्यम से अपना कार्य करेंगे। पंडित जी ने कहा कि पिछले युगों में हर अवतार के साथ शक्ति भी साथ देने आई। इस युग में वेदमाता गायत्री शक्ति के रूप में अवतरित हुई है।
इसलिए सभी धर्मांवलंबियों को बिना किसी भेदभाव के गायत्री मंत्र जपना चाहिए, तभी सभी का और विश्व का कल्याण होगा। मौके पर ताम्रध्वज साहू, अनूपा साहू, तिजऊ हिरवानी,किशन हिरवानी,केशव साहू, अंजनी साहू, मोगरा साहू, मोहिनी साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
