कलकत्ता से 70 हजार के फुल मंगाकर सजाया भगवान श्री राजीवलोचन मंदिर

राजिम। माघी पुन्नी मेला में भगवान श्री राजीवलोचन का जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर सुबह 4 बजे मंदिर का पट खोला गया। पश्चात् दू,ध, दही, मधु, घी, शक्कर से महाभिषेक किया गया। सर्वांग स्नान में 8 से 10 घडे़ पानी का उपयोग किया गया। कपड़े से भगवान के शरीर को साफ किया गया तथा पोषाक सहित श्रृंगार किया गया। सुबह 6 बजे आम श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु पट खोला गया। इस दौरान बाल आरती किया गया। उल्लेखनीय है कि भगवान राजीवलोचन का स्वरूप दिन भर में तीन बार बदलता है। सुबह बाल्यावस्था, दोपहर युवा तथा रात्रिकाल में प्रौढ़ावस्था को प्राप्त करते है। सुबह 9 बजे महाप्रसादी लगाया गया तथा दोपहर 12 बजे मंदिर के शिखर पर निषान ध्वज चढ़ाया गया। सुबह 4 से लेकर रात्रि 10 बजे तक निरंतर पट खुला रहा। बता दें कि वर्ष भर में मात्र एक दिन सुबह से लेकर देर रात तक भगवान श्रद्धालुओं को दर्शन देते हंै। यह दिन खास होता है। मंदिर के सर्वाराकार भूषण सिंह ठाकुर, श्रवण सिंह ठाकुर, षिव सिंह ठाकुर, राजेन्द्र मनु, बैकुन्ठसिंह ठाकुर, बलदाऊ सिंह ठाकुर, चंद्रभान सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रत्येक वर्ष माघ पुर्णिमा को उड़िसा के भगवान जगन्नाथ मंदिर का पट बंद रहता है। लोक धारणा है कि इस दिन जगन्नाथ भगवान राजीवलोचन के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ज्ञातव्य हो कि श्री राजीवलोचन मंदिर के उत्तर दिशा में भगवान जगन्नाथ का मंदिर है जहाॅ दर्शनार्थि दर्शन प्राप्त करते है। दिनानाथ सिंह ठाकुर, चंद्रभान सिंह(राजू) ठाकुर ने बताया कि भगवान श्री राजीव लोचन के महामण्डप को फुलों से सजाने के लिए देश के प्रमुख महानगर कोलकाता से 70 हजार के गेंदा फुल मंगाया गया है। फुलों से मंदिर की शोभा निखर गयी है।

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