भिलाई। भारतीय जनता पार्टी जिला भिलाई द्वारा शुक्रवार को प्रेस वार्ता आयोजित किया गया। जिसमें भिलाई भाजपा प्रभारी संतोष बाफना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की वादाखिलाफी धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर 13 जनवरी से 90 विधानसभा पर पार्टी द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा बाफना ने कहा कि 2 साल में विफलता के सारे कीर्तिमान हासिल कर चुकी है छत्तीसगढ़ में बैठी कांग्रेस की सरकार, किसान विरोधी है और प्रदेश के किसानों के साथ लगातार अन्याय कर रही है। हालत इतनी खराब है कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के क्षेत्र में भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं कांग्रेस वादाखिलाफी और विश्वासघात का रोज नया रिकॉर्ड बना रही है। कांग्रेस सरकार 20-20 दिन बीत जाने पर भी किसानों के खाते में एक पैसा नहीं पहुंचाया जबकि रमन सिंह की सरकार ने 3 से 4 दिन में कभी-कभी तो 24 घंटे में ही किसानों के खाते में पैसा पहुंचा देती थी। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार सबसे बड़ा घोटाला बारदाना के नाम पर कर रही है, उसके बहाने वह धान खरीदी से बचना चाहती हैं। विधानसभा में जवाब देते हुए भूपेश सरकार ने कहा था कि प्रदेश में इस सीजन में कुल 4,45,000 गठान की जरूरत है जिसमें 3,30,000 बारदाना उपलब्ध है और 1,15,000 बारदाना देने की जरूरत है समय रहते इस समस्या को दूर कर लिया जाएगा लेकिन आज भी समस्या बनी हुई है। कांग्रेस ने जब अपनी चुनावी घोषणा में लोकलुभावन वादे किए थे तब मीडिया ने कांग्रेस से सवाल पूछा था कि आप इतने सारे वादे कैसे पूरा करेंगे तब कांग्रेस ने जवाब दिया था हम नए संसाधन और अवसर विकसित कर उससे व्यवस्था कर वादा पूरा करेंगे। छत्तीसगढ़ के किसानों का गिरदावरी रिपोर्ट के माध्यम से रकबा कम करने का षड्यंत्र किया जा रहा है जिसके पीछे धान खरीदी से बचना और कम धाम खरीदी की मनसा कांग्रेस सरकार की है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि रकबा कम होने के कारण खुद कांग्रेस अध्यक्ष के क्षेत्र में किसान धनीराम ने आत्महत्या कर लिया। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं एनसीआरबी के रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 235 कृषक और खेतीहारो ने 2019 में आत्महत्या की है। छत्तीसगढ़ की जनता को ऋण लेकर कर्जदार बनाने वाली सरकार आज अपने वादों से और धान खरीदी से भागना चाहती है। इसलिए कभी केंद्र सरकार पर तो कभी भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाकर बचना चाहती है। सरकार ने देर से धान खरीदी कर कम धान खरीदने की साजिश रची है। धान के कटोरे का किसान अभी भी दर-दर भटक रहा है, राजीव गांधी न्याय योजना के नाम पर छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ किस्तों में भुगतान का अन्याय करने वाली कांग्रेस किस मुंह से केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही है। केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों के हित में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक चावल खरीद रही है तो कांग्रेस को क्या तकलीफ है? छत्तीसगढ़ में बैठी कांग्रेस की सरकार किसानों का धान खरीदना ही नहीं चाहती और धान खरीदी में बहानेबाजी करने वाली सरकार के जब सारे बहाने खत्म हो गए तब केंद्र द्वारा अधिक चावल खरीदने के लिए सैद्धांतिक सहमति और 9000 करोड़ ₹ के भुगतान के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था और विश्वास को झूठा साबित करने का प्रयास छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है। बाफना ने कहा कि बहाना बाजी करने वाले, बार-बार बयान बदलने वाले, पत्र लिखकर राजनीति करने वाले, ट्वीट ट्वीट खेलने वाले अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र सरकार पर मारने का प्रयास करने वाले और अपने आप को किसान बताने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसान हित में निर्णय करना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और प्रदेश सरकार की बहानेबाजी षड्यंत्र और वादाखिलाफी को बर्दाश्त करने वाली नहीं है। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ सरकार की वादाखिलाफी धान खरीदी में अव्यवस्था कटौती जैसे किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 13 जनवरी से सभी विधानसभा पर प्रदर्शन करेगी साथ ही 22 जनवरी को जिला स्तरीय प्रदर्शन भी करेगी। प्रदर्शन के बाद भाजपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपेगी। किसी भी कीमत पर किसानों के साथ अन्याय भाजपा सहन नहीं करेगी।
कांग्रेस वादाखिलाफी और विश्वासघात का रोज नया रिकॉर्ड बना रही है
