खुड़मड़ा हत्याकांड में पुलिस के हाथ अब तक खाली… रायपुर व दुर्ग की पुलिस अब तक हत्या की वजह तक नहीं तलाश पाई

पाटन। प्रदेश की सबसे बड़ी वारदात खुड़मड़ा हत्याकांड में पुलिस के हाथ अब तक खाली है। रायपुर व दुर्ग की पुलिस अब तक हत्या की वजह तक नहीं तलाश पाई। हत्याकांड को 17 दिन बीत गए, 17 दिन में यह कांड 15 रहस्य छोड़ गया।
बीते 20 दिसंबर की रात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र में स्थित खुड़मुड़ा में सोनकर परिवार के चार लोगों की जघन्य हत्या कर दी गई। सोनकर परिवार सब्जी भाजी उगाने का काम करता था। 21 दिसंबर की सुबह इस हत्याकांड का पता चला था। सोनकर परिवार के घर के बाहर स्थित पानी टंकी से एक-एक कर तीन लाशेें निकाली गई थी। चौथी लाश खेत में पड़ी थी। 17 दिन से पुलिस की कई टीम इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की कोशिश कर रही, पर पुलिस के हाथ एक सुराग भी नहीं लगा।
17 दिन ये 15 रहस्य
-आखिर हत्या की वजह क्या थी?
-पुरानी रंजिश, पारिवारिक विवाद,जमीन-जायदाद संबंधी विवाद,चरित्र संबंधी विवाद,तंत्र मंत्र जादू टोना, जमीन दलालों से कोई विवाद,सब्जी कारोबार को लेकर कोई विवाद
-उस रात आने वाला व्यक्ति कौन था?
-यदि वह प्लान बनाकर हत्या करने आया था, तो चश्मदीद को क्यों छोड़ दिया?
-साथ में चिकन खाने वाला एक व्यक्ति चार-चार लोगों की हत्या कर सकता है?
-हत्या में एक व्यक्ति शामिल था, या एक से अधिक?
-मौका ए वारदात में परिस्थिति जन्य साक्ष्य क्यों नहीं मिल पाया।
-वारदात को अंजाम देने वाले आए किसमें थे, गए किसमें, वह साइकिल सवार आखिर कौन था?
-क्या हत्यारे बिना मोबाइल व बिना वाहन के आए थे?
-15 दिन की जांच में सीसी टीवी कैमरा, मोबाइल लोकेशन, खुड़मुड़ा सहित आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों के बयान से पुलिस को क्या हासिल हुआ?
-क्या हत्या में परिवार के किसी सदस्य का हाथ है? या फिर इसमें जमीन के सौदागरों का बड़ा प्लान है?
-क्या इस हत्याकांड ने अपराध के सिद्धांत अपराधी घटना स्थल पर कुछ न कुछ छोड़कर जाता है के सिद्धांत को बदल दिया
-मनीषा नाम की युवती का एंगल जांच में किस दिशा तक पहुंचा?
-क्या इस जघन्य वारदाता में जादू टोना से जुड़ा एंगल भी है?
-जिस हुलिए का स्केच जारी हुआ था वह संदिग्ध पुलिस के हाथ क्यों नहीं लगा?
-पुलिस कहीं जांच की दिशा तो नहीं भटक गई?
जैसे कई सवाल है जिसका जवाब 17 दिन बाद भी नहीं मिल पाया है।

धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है जांच
मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के निर्देश के बावजूूद इस हत्या कांड की जांच रफ्तार नहीं पकड़ सकी। रायपुर पुलिस, रायपुर साइबर सेल तथा दुर्ग पुलिस की जांच अब लगातार धीमी होती जा रही है। पुलिस अब परिवार के एंगल पर ही फोकस कर रही है। एडिशनल एसपी दुर्ग ग्रामीण प्रज्ञा मेश्राम ने बताया कि जांच कमजोर नहीं हुआ, बल्कि जांच का दायरा बढ़ाया गया है। दूसरे राज्यों में भी पुलिस गई है।

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