- सोशल मीडिया संगवारी मन ला जय जोहार, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के छत्तीसगढ़ी पोस्ट फैला रहे कमाल की जागरूकता
- एनीमेशन, संदेश और कई प्रभावी माध्यमों से सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर नेक काम को आगे बढ़ाने में लगे
दुर्ग.कोरोना संक्रमण को रोकने का अपनी बोली छत्तीसगढ़ी में सुघ्घर संदेश आपने इन दिनों जरूर सुना होगा। संगी कोरोना के लक्षण होही त सियानी झन बघारहु, उत्ता धुर्रा तिर के स्वास्थ्य केंद्र म जा के कोरोना के जांच कराहु। कोरोना जागरूकता के यह संदेश छत्तीसगढ़ी भाषा में बहुत मधुर लग रहे हैं और लोगों के मनोरंजन के साथ ही गहरी सीख भी छोड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ी में उत्ता धुर्रा बहुत जल्दी किये जाने वाले काम के लिए उपयोग होता है। कोरोना टेस्ट का मामला ऐसा ही है इसमें उत्ता धुर्रा जांच करा लिए तो जल्दी से दवा खाना शुरू करके बीमारी से पूरी तरह मुक्त हो जाएंगे। सामान्य लक्षण हैं तो घर में होम आइसोलेशन के लिए आग्रह कर सकते हैं। थोड़ी समस्या महसूस कर रहे हैं तो धरा रपटा अस्पताल पहुंच जाइये, आपके लिए गाड़ी टेस्टिंग सेंटर में ही पहुंच जाएगी। होम आइसोलेशन में हैं तो मेडिकल किट मिल जाएगी। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बीते दिनों सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर से इस संबंध में चर्चा की थी और इसके बहुत सुखद नतीजे सामने आये हैं। डाॅ. भुरे ने मीटिंग में छत्तीसगढ़ी में भी प्रचार सामग्री तैयार करने का आग्रह इंफ्लूएंसर से किया था। इसका अच्छा परिणाम सामने आ रहा है। प्रचार सामग्री बहुत अपीलिंग हैं जैसे बार-बार हाथों को सैनेटाइज करने का आग्रह इस रूप में किया गया है कि घेरी बेरी सावधानी नइ रखबो तव सब्बो झन बर बड़ मुसीबत हो जहि। डिजिटल वर्ल्ड में छत्तीसगढ़ी के लिए बड़ा काम करने वाले भाषाविद श्री संजीव तिवारी भी इस अभियान का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ी बहुत समृद्ध है। इसका शब्द भंडार बहुत विस्तृत है और बिल्कुल सटीक रूप से बातें अभिव्यक्त कर सकने में सक्षम है। सोशल मीडिया में कोरोना संक्रमण को लेकर जागरूकता अभियान में इसका इस्तेमाल होना बहुत शुभ है। अच्छी बात यह है कि छोटे-छोटे एनीमेशन वीडियो के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा में कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता संदेश दिया जा रहा है। यह काफी अपीलिंग हैं और लोगों को काफी भा रहा है। डिप्टी कलेक्टर सुश्री दिव्या वैष्णव ने बताया कि इसके लिए युवाओं की टीम बहुत मेहनत कर रही है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासनिक प्रयासों का सोशल मीडिया के माध्यम से ये युवा बढ़ा रहे हैं इनका यह कार्य प्रशंसनीय है। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भी फिफ्टी प्लस टेस्ट अभियान को भी इंफ्लूएंसर बढ़ावा दे रहे हैं। इससे प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे अभियान को काफी प्रचार-प्रसार मिल रहा है।
