?रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद
मैनपुर। इन दिनों कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल सरकार इन दिनों प्राथमिक, माध्यमिक एवं कॉलेजों को बंद किया गया है। वही राज्य शासन ने आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के लिए दिशा निर्देश जारी कर शिशुवती,गर्भवती महिलाओं के साथ ही नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी गोहरापदर भाजपा मंडल अध्यक्ष गुरुनारायण तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति मे बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र को खोलना और मासूम बच्चों सहित शिशु वती तथा गर्भवती माताओं को केंद्र तक बुलाने का मतलब राज्य में कोरोनावायरस के फैलाव को और तेजी से फैलाना है। जो कि अव्यावहारिक और खतरनाक निर्णय हैं। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र खोले जाने के लिए कलेक्टरों को दिशा निर्देश दिया जाना वर्तमान परिस्थितियों में उचित नहीं लगता। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा शिशुवती,गर्भवती महिलाओं को तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र के महिला पुरुष तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने का हिदायत दिया जा रहा है। उसके बाद भी महिला बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र को खोलकर बच्चों को केंद्र में बुलाना समझ से परे लगता है। सरकार छोटे-छोटे बच्चों को मास्क, सैनिटाइजर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा जा रहा है। छोटे-छोटे बच्चे अपने कपड़े ठीक से तो पहन नहीं पाते हैं। मास्क और सेनीटाइजर को कैसे पहचानेंगे और नियमों में बंधे रहेंगे। जबकि हितग्राही ,कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए मास्क, सैनिटाइजर, साबुन जैसे किसी भी प्रकार की कोई भी सुरक्षा सामग्री नहीं है। मंत्रालय से जारी पत्र में सुरक्षा के कई कड़े से कड़े निर्देश दिए गए हैं। लेकिन उसकी व्यवस्था तो बड़े-बड़े संस्थाएं भी नहीं कर पा रही है। ऐसे में सीमित संसाधन से आंगनबाड़ी केंद्र के कर्मचारी निर्देशों का पालन कैसे कर पाएंगे।जैसे कोरोना महामारी के चलते शासन के निर्देशानुसार बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों के लिए पूरक पोषण आहार खाद्य सामग्री सूखा राशन के पैकेट कार्यकर्ता एवं सहायिका के द्वारा घर-घर पहुंचा रही है।फिर भी केंद्र खोलने का निर्णय अनुचित है। वही जिला के कलेक्टर से पूर्व के भांति ही आंगनबाड़ी केंद्र को संचालित करने का आग्रह किया है।
