? रिपोर्टर विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो
देवभोग। शासन का लाखो राशि सरकारी स्कुल आने के बाद भी सरकारी स्कुल मे रंग लेपन नही करना शासन के आंख मे धुल झोकने के बराबर है कुछ इस तरह का मामला देवभोग वि. ख. चिचिया के हाई स्कुल मे आप को साफ़ दिखाई सकता है।
बता दे आप को चिचिया के शासकिय हाईस्कुल सन 2016 मे बना था बनने के बाद सफ़ेद चुना पोताई हुआ था जो अभी तक लगभग चार साल होने के बाद भी जस का तस है जो अभी शासकीय हाई स्कुल खन्डर मे तब्दील हो चुका है हर साल रंगलेपन, केल, कुद सामग्री के लिये शासन द्वारा लाखो राशि आने के बाद भी अभी तक इसमे एक बार रंगलेपन नही किया है
सरकारी हाईस्कुल को देखने मे ऐसा लगता की मानो स्कुल के बच्चे कोई पुराना खंडर मे पड़ रहे हो आखिर शासन का राशि को स्कुल मे ख़र्चा करने मे स्कुल के आला अधिकारी कियो पिछे रहते है आखिर ये कब तक चलता रहेगा शासन के आँखो मे नोक झोक का काम , स्कुल भवन को देखने के बाद साफ़ जाहिर होता कि स्कुल मे कभी भी रंगलोपन नही किया गया है जो अभी खंडर मे तब्दील हो चुका है ताजुक की बात तो यह है रायपुर देवभोग नेशनल रोड किनारे शासकिय हाई स्कुल भवन होने के बाद भी इतने अधिकारी, कर्मचारी ,जनप्रतिनिधि आते जाते रहने के बाद भी अभी तक किसी की नजर स्कुल भवन मे नही गया ।
वर्षण:-
इससे पहले स्कुल की रंग पोताई ना करने से भी लगभग स्थिति ठिक थी , चल ही रहा था इस बार पुर्ण प्राथमिकता है इस बार रंग रोगन मे जादा डेमच हो गया है जल्द ही समिति का निर्णय ले के राशि आहरण कर के चुना पोताई का कार्य जल्द ही किया जायेगा ।
इससे पहले समिति चाहा ,है ना हमने भी ध्यान नही दिया ।
दुर्गाचरण यादव,स्कूल के प्रभारी
दो चार साल पहले गाव की सरपंच थी उस समय स्कुल को रंगलेपन के लिए बोल चुकी थी अभी 15 अगस्त पहले भी अवगत करा चुकी लेकिन मेरा बात को अनसुना कर दिये इस बात को मैने आगे भी जानकारी दे दी है ।
धनमती यादव,सभापति,जिला पंचायत गरियाबंद
मैं देखता हूँ प्राचार्य से चर्चा करके,प्रतिवर्ष रंगलेपन के राशि दिया जाता हैं, फिर चार वर्षों से नहीं हुआ गलत बात हैं,,जांच के बाद कार्यवाही की जायेगी ।
प्रदीप शर्मा, बीईओ, देवभोग
