दीपावली पर विश्वविद्यालयीन पेंशनरों को नहीं मिली अक्टूबर की पेंशन, कैसे जलेंगे घरों में दीपमुख्यमंत्री से जनदर्शन पुनः शुरू करने और सातवें वेतनमान के अनुसार पेंशन भुगतान की मांगरायपुर। दीपावली जैसे महापर्व पर भी छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयीन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अक्टूबर माह की पेंशन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स कल्याण संघ के अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से विश्वविद्यालयीन पेंशनरों को सातवें वेतनमान के अनुसार नियमित पेंशन देने तथा इसके लिए बजट में कम से कम 2.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने की मांग की है।
मिश्रा ने मुख्यमंत्री से जनसमस्याओं के निराकरण के लिए जनदर्शन पुनः प्रारंभ करने का भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सातवें वेतनमान के अनुसार पेंशन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, राज्यपाल, उच्च शिक्षा मंत्री एवं वित्त मंत्री सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया गया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में भी चार बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।छत्तीसगढ़ पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला संयोजक विजय कुमार झा ने मांग का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान मिल रहा है,
जबकि विश्वविद्यालयीन कर्मचारी आज भी छठवें वेतनमान के आधार पर पेंशन पाने को मजबूर हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें न्याय के लिए वर्षों से इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दीपावली पर पेंशन नहीं मिलने से बुजुर्ग पेंशनरों के घरों में त्योहार की खुशियां फीकी पड़ गई हैं।
