6माह से निराश्रित को नही मिला पेंशन, कांग्रेश के जनप्रतिनिधियों में भारी नराजगी
कर्ज के बोझ तले दबे पंचायत प्रतिनिधि और व्यापारी परेशान, विकास कार्यों पर भी पड़ रहा असर
पाटन। पाटन जनपद पंचायत में करीब 6 माह से विधवा पेंशनधारीयो को निराश्रित पेंशन नहीं मिलने से बुजुर्ग गरीब परिवार के लोग दवाई एवं अपने निजी उपयोग के लिए पैसे के लिए पंचायत एवं बैंकों में चक्कर लगा रहे हैं।
पाटन से राजधानी व जिले मुख्यालय जाने वाले मुख्य सड़कों का लाइट कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है जिससे राहगीरों में भारी नराजगी देखी जा रही है ।
जनपद सदस्य रश्मि भेदप्रकाश वर्मा असोगा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। शासन से पिछले छह माह से मूलभूत सुविधाओं और 16वें वित्त आयोग की राशि नहीं मिलने के कारण पंचायतों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। स्थिति यह है कि रोजमर्रा के जरूरी कामकाज और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी सामग्रियों की खरीदी के लिए पंचायतों को स्थानीय व्यापारियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अब भुगतान नहीं होने से पंचायतें कर्ज के बोझ तले दबती जा रही हैं। वहीं, दीपावली से ठीक पहले व्यापारी भी अपने बकाया भुगतान के लिए पंचायतों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ जनपद सदस्य दिनेश साहू तेलीगुड़ा ने कहा कि दीपावली में अब महज एक सप्ताह का समय शेष है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि व्यापारियों का बकाया भुगतान कैसे किया जाए। एक ओर शासन से राशि नहीं मिलने के कारण पंचायतों को आर्थिक व्यवस्था चरमराई हुई है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों द्वारा भुगतान के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पंचायतों के सामने न केवल पुराना कर्ज चुकाने की चुनौती है, बल्कि आने वाले दिनों में गांवों की आवश्यक व्यवस्थाओं को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है।
जनपद सदस्य उर्वशी वर्मा व दीपमाला जैन ने कहा कि नियमित रूप से राशि की आवश्यकता होती है। गांवों में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, नाली की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए पंचायतों को विभिन्न सामग्रियों की खरीदी करनी पड़ती है। इन कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पंचायतें स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों से सामग्री उधार में खरीदती हैं। लेकिन पिछले छह माह से मूलभूत और 16वें वित्त की राशि नहीं मिलने से पंचायतों के सामने भुगतान का संकट गहरा गया है।
अजय साहू व उर्वशी साहू व आनंद बघेल ने कहा की शासन से शीघ्र राशि जारी करने की मांग पंचायतों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मूलभूत और 16वें वित्त आयोग की राशि जल्द जारी किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि समय रहते राशि उपलब्ध नहीं होती है, तो पंचायतों के लंबित भुगतान और स्थानीय स्तर पर होने वाले विकास कार्यों पर इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में पंचायतों को आर्थिक संकट से उबारने और व्यापारियों का बकाया भुगतान सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर शीघ्र पहल जरूरी है।
मांग करने वालों में पाटन सरपंच सघ अध्यक्ष रूपेन्द्र शुक्ला, जामगांव आर, राजेश ठाकुर सरपंच निपानी, सत्यनारायण टिकरिहा रानीतराई (सरपंच), जानकी चोपड़िया सरपंच असोगा, ईश्वर निषाद सरपंच केसरा, मनोज पटेल सरपंच चूलगहन , ममता राजू मेश्राम सरपंच रगकठेरा , डिडगा सरपंच सुलोचना चदनिहा अमित अग्रवाल बेल्हारी , भेष आठे सरपंच बटरेल रमाकांत साहू आगेसरा रेवा राम साहू गातापार , दिनेश ठाकुर पाहदा, हुकुमचंद निषाद बेलौदी, निर्मला साहू बिजेभाठा सहित ब्लॉक के अन्य सरपंच वित्त राशि देने की मांग की।
