राजेश चटर्जी बोले- कर्मचारियों के साथ महंगाई का प्रभाव एक समान
पाटन। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनरों ने भी राज्य सरकार से लंबित महंगाई भत्ते की स्वीकृति की मांग तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने राज्य सरकार से केंद्र के समान 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) देने की मांग की है।फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत दे रही है, जबकि छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों और पेंशनरों को अभी भी 58 प्रतिशत ही मिल रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनरों पर महंगाई का प्रभाव केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में कम पड़ता है? उन्होंने कहा कि शासकीय सेवकों और पेंशनरों के लिए मोदी की गारंटी लागू करने के मामले में राज्य सरकार अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।
फेडरेशन के अनुसार, केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह वृद्धि सातवें वेतन आयोग के तहत निर्धारित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर की गई है। जुलाई 2025 से जून 2026 तक के महंगाई सूचकांक के आंकड़ों के आधार पर महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई है।
इससे केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। इस वृद्धि का लाभ लगभग 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनरों को मिलने की जानकारी दी गई है।फेडरेशन ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जनवरी 2026 से कर्मचारियों एवं पेंशनरों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत मिल रहा है, जबकि केंद्र में जनवरी 2026 से ही यह दर 60 प्रतिशत हो गई थी। इसके बाद जुलाई 2026 से केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर 63 प्रतिशत कर दिया है।
इस प्रकार राज्य और केंद्र के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत का अंतर हो गया है।फेडरेशन पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने जुलाई 2025 से देय 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते को जनवरी 2026 से स्वीकृति दी थी। ऐसे में जनवरी 2026 से देय 60 प्रतिशत और जुलाई 2026 से देय 63 प्रतिशत महंगाई भत्ते की स्वीकृति को लेकर अब तक निर्णय नहीं लिया गया है।
इससे कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।इस संबंध में फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी से केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत स्वीकृत करने की मांग की है। फेडरेशन ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव 2023 से पूर्व वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने वीडियो संदेश में महंगाई भत्ते को कर्मचारियों का मौलिक अधिकार बताया था।
इस मांग का समर्थन जिलाध्यक्ष चंचल कुमार द्विवेदी, जिला सचिव लक्ष्मीकांत तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष पाटन प्रदीप कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष हरिशंकर देवांगन एवं खिलेन्द्र साहू सहित तोरण कुमार साहू, शेषनारायण साहू, गौतमचंद साहू, मनोज साहू, पुरणेश्वर यादव, करुणा पटेल, ममता साहू, रोहित अहीर, दरबार साहू एवं सुशील कुमार साहू ने किया है।
