जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर ने रचा वित्तीय इतिहास: CEO अपेक्षा व्यास के कार्यकाल में दर्ज हुई अभूतपूर्व प्रगति

रायपुर। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, रायपुर ने अपनी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रीमती अपेक्षा व्यास के कुशल नेतृत्व में वित्तीय सुदृढ़ता, किसान कल्याण और डिजिटल सेवा-विस्तार के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हाल ही में श्रीमती व्यास का स्थानांतरण छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (मुख्यालय, नवा रायपुर) में कर दिया गया है। उनके कार्यकाल में बैंक द्वारा हासिल की गई उत्तरोत्तर प्रगति वर्तमान में सहकारिता जगत में सराहना का विषय बनी हुई है।
सकल लाभ में ऐतिहासिक रिकॉर्ड
बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में निरंतर ऐतिहासिक 216-216 करोड़ रुपये का सकल लाभ अर्जित किया है। दिनांक 31 मार्च 2026 की स्थिति में बैंक की कार्यशील पूंजी 8,600 करोड़ रुपये से अधिक तथा कुल जमा अमानतें 6,971 करोड़ रुपये से अधिक रही, जो बैंक सुदृढ़ता और खाताधारकों के अटूट विश्वास का प्रमाण है।
किसानों को 11,583 करोड़ का समयबद्ध भुगतान
धान खरीदी वर्ष 2025-26 में बैंक की समितियों द्वारा कुल 37,36,666 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। इसके अंतर्गत समर्थन मूल्य हेतु 8,854 करोड़ रुपये एवं कृषक उन्नति योजनांतर्गत 2,729 करोड़ रुपये को मिलाकर कुल 11,583 करोड़ रुपये का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया गया। इसके अतिरिक्त, 30 सितंबर 2026 की स्थिति में बैंक द्वारा 2,200.16 करोड़ रुपये का खरीफ अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 102.10 प्रतिशत है। यह आंकड़ा गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 27 प्रतिशत अधिक और प्रदेश में सर्वाधिक रहा।
डिजिटल बैंकिंग और सामाजिक सरोकार में मिसाल
बैंक द्वारा ऋणी कृषकों के लिए प्राथमिक समितियों में माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराए गए। इसके माध्यम से 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में 74,279 सदस्यों द्वारा कुल 66.61 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। समितियों के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से जन्म प्रमाण पत्र, आधार, पैन कार्ड जैसी 32 सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे 257 लाख रुपये का लेन-देन हुआ। साथ ही, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना के अंतर्गत बैंक की 12 प्राथमिक सहकारी समितियों द्वारा जन औषधि केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया गया है, जिससे ग्रामीणों को सस्ती जेनेरिक दवाइयां मिल रही हैं।
बैंक के इन आंकड़ों को सहकारिता क्षेत्र के जानकारों, समिति प्रतिनिधियों एवं कृषक सदस्यों द्वारा प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *