पेंशनरों की समस्याओं के निराकरण हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पेंशनर्स फोरम ने सौंपा ज्ञापन

  • महंगाई राहत में समानता, कैशलेस चिकित्सा, समयबद्ध पेंशन भुगतान एवं अतिरिक्त पेंशन वृद्धि सहित 10 प्रमुख मांगें रखीं

नवा रायपुर।छत्तीसगढ़ शासन के संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि द्वारा आज इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में प्रदेश के पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के संबंध में पेंशनर संगठनों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पेंशनर्स फोरम के प्रांतीय संयोजक बी.पी. शर्मा ने पेंशनरों की समस्याओं एवं कल्याण से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर संचालक महोदय को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पेंशनरों को समय पर पेंशन एवं सेवानिवृत्ति संबंधी स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित करने, पेंशनर कल्याण मंडल में सभी मान्यता प्राप्त पेंशनर संगठनों के प्रांताध्यक्षों अथवा अधिकृत प्रतिनिधियों को प्रतिनिधित्व देने तथा मंडल की बैठक प्रत्येक छह माह में नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की गई।
फेडरेशन ने राज्य के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को केंद्र सरकार के पेंशनरों के समान महंगाई राहत देने, लंबित 2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत स्वीकृत कराने हेतु आवश्यक पहल करने तथा पेंशनरों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की मांग प्रमुखता से रखी।
ज्ञापन में सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन भुगतान आदेश (PPO) उपलब्ध कराने, पीपीओ की ऑनलाइन सुविधा सुनिश्चित करने, लंबित पेंशन प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने तथा ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण, जीपीएफ एवं अन्य सेवानिवृत्ति स्वत्वों का समय पर भुगतान करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही परिवार पेंशन प्रारंभ करने की प्रक्रिया सरल बनाने तथा ‘नॉन-डिमांड’ एवं ‘नॉन-इन्वेस्टिगेशन’ प्रमाण-पत्र जारी करने में होने वाले अनावश्यक विलंब को समाप्त करने की मांग भी की गई।
पेंशनरों के हित में 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन वृद्धि, प्रत्येक तीन माह में जिला स्तरीय पेंशन निराकरण शिविरों का आयोजन, शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा एवं आवश्यक जांच की सुविधा तथा पेंशनरों और उनके जीवनसाथियों के लिए निःशुल्क अथवा रियायती तीर्थयात्रा योजना प्रारंभ करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया।
फेडरेशन ने पेंशन सारांशीकरण (Commutation of Pension) की राशि की वसूली की वर्तमान 15 वर्ष की अवधि को घटाकर 10 वर्ष करने हेतु प्रचलित नियमों एवं न्यायिक निर्णयों का परीक्षण कर आवश्यक पहल करने की मांग की। साथ ही, बढ़ती आयु में पेंशनरों की चिकित्सा, आर्थिक सुरक्षा एवं दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
संचालक महोदय ने ज्ञापन में प्रस्तुत मांगों एवं समस्याओं पर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। फेडरेशन ने अपेक्षा व्यक्त की कि पेंशनरों के हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए संबंधित मांगों पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी, ताकि प्रदेश के पेंशनरों को सम्मानजनक जीवन, आर्थिक सुरक्षा एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

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