मर्रा (पाटन), 08 अक्टूबर 2026।संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, मर्रा (पाटन) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नवप्रवेशित बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों हेतु आयोजित 14 दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम का समापन समारोह संपन्न हुआ।
दिनांक 21 सितंबर 2026 से प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न व्याख्यानों, संवाद सत्रों एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रयोगशालाओं, कृषि एवं उद्यानिकी प्रक्षेत्रों तथा उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया गया।समापन समारोह का शुभारंभ उपस्थित सम्माननीय सदस्यों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन के साथ किया गया। तत्पश्चात दीक्षारंभ कार्यक्रम के विषय शिक्षक **इंजी. के.के. महिलांग** ने 14 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रथम वर्ष के छात्र **चाहत एवं नवनीत** ने कार्यक्रम के दौरान प्राप्त अपने अनुभव साझा किए।महाविद्यालय के अधिष्ठाता **डॉ. अनिल कुमार वर्मा** ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि **”दीक्षारंभ कार्यक्रम का समापन वास्तव में आपके जीवन की एक नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत है।”** उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अध्ययन, नवाचार एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही महाविद्यालय को प्राप्त एक्रेडिटेशन, उपलब्ध शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाओं तथा भावी विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कृषि क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों एवं संभावनाओं पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर *शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मर्रा के शिक्षक श्री नायक* ने कृषि शिक्षा के महत्व, शिक्षकों की भूमिका एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर मार्गदर्शन प्रदान किया। *
*सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधि दीपक चंद्राकर** ने कृषि को लाभकारी व्यवसाय एवं स्वरोजगार के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को कृषि उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया।
वहीं **कृषि उद्यमी सुरेंद्र बेलचंदन** ने एकीकृत कृषि प्रणाली एवं मत्स्यपालन के अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए सीमित संसाधनों से अधिक आय अर्जित करने तथा कृषि आधारित उद्यमों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के उपाय बताए।कार्यक्रम के अंत में दीक्षारंभ कार्यक्रम की विषय शिक्षिका **डॉ. मंजू** द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
