पाटन। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायत सेलूद में कुष्ठ रोग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों एवं भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत के सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात स्वास्थ्य विभाग से बसंत कुमार साहू, प्रभारी एन.एम.ए., सेक्टर सेलूद-गाड़ाडीह, सीएचसी पाटन द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस दौरान कुष्ठ रोग के प्रारंभिक लक्षण, त्वचा पर दाग-धब्बे एवं उनमें संवेदना की कमी, नसों में मोटापन, सुन्नपन तथा हाथ-पैर में कमजोरी जैसे लक्षणों के बारे में जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि कुष्ठ रोग का समय पर पता लगने पर इसका पूर्ण उपचार संभव है तथा शुरुआती अवस्था में जांच एवं उपचार से विकलांगता एवं अन्य जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है।
ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर ऐसा दाग-धब्बा दिखाई दे जिसमें संवेदना कम या समाप्त हो गई हो अथवा नसों में मोटापन एवं सुन्नपन जैसे लक्षण हों, तो उसे छिपाने या सामाजिक रूप से अलग करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच के लिए प्रेरित करें। कुष्ठ रोग से संबंधित भय, भ्रांति एवं सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने में सामुदायिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम में महात्मा गाँधी जी के कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण को भी याद किया गया। उपस्थित ग्रामीणों को संदेश दिया गया कि कुष्ठ रोग से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मान, समानता एवं मानवीय संवेदना के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत सेलूद के सरपंच खिलेश मारकंडे ने उपस्थित ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक रहने तथा कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने संदिग्ध लक्षण वाले व्यक्तियों को जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने तथा स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं को सहयोग प्रदान करने की अपील की।
कार्यक्रम में उपसरपंच राकेश साहू,पंच धनंजय साहू,ग्राम सभा अध्यक्ष उमेश देवांगन , सचिव श्री हुपेंद्र साहू, रोजगार सहायक श्रीमती रेणुका कुर्रे, सुरेंद्र बंछोर ,पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामवासियों में कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, समय पर जांच एवं उपचार तथा कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “कुष्ठ रोग को छिपाएं नहीं, समय पर जांच कराएं और भेदभाव समाप्त करें” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
