खबर,,,,,,, हेमंत कुमार तिवारी
पांडुका / कांग्रेस और भाजपा पार्टी के नेता वा कार्यकर्ता एक दूसरे का कट्टर विरोध करते है। और हमेशा आम जनता के बीच कई मुद्दों पर एक दूसरे को अलग अलग बताते हैं।पर यह विरोध का केवल दिखावा करते हैं । क्यों कि पाण्डुका अंचल में रेत के काले कारोबार ऐसा नहीं है अंचल के एक कांग्रेसी नेता के जमीन पर अस्थाई रेत के डंपिंग का परमिशन होना बताया जाता है।पर आसपास स्वीकृत घाट नहीं तो रेत डंपिंग कहा से हो रहा है।पर एक भाजपा नेता अपने प्रभाव का उपयोग कर पैरी नदी से लगे गांव से रेत को ट्रैक्टरों से सुबह सुबह डलवाते हैं और यहां डंप कर बेचते हैं।यहां पर इन लोग का परस्पर विरोध नहीं है।

रेत के पैसा में माला माल होने की चाहत में ये दोनों पार्टियों के लोग आपसी समझौता में चल रहे हैं।जिसे आपसी गठजोड़ भी कहा जा सकता है।पर सालों से रेत के यह अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।रेत चोरी का खेल दरअसल कभी रुका ही नहीं है।पाण्डुक थाने में कई चैन माउंटेन , जेसीबी मशीन, हाइवा, ट्रैक्टर जाप्ती होकर खड़े है ।उसके बाद भी दिन में या फिर रात में रेत चोरी चलता आ रहा है और विगत कुछ महीनों से अंचल के स्थानीय भाजपा और कांग्रेस के नेता की गठजोड़ सामने आया है।

साथ में ग्राम पंचायत के कुछ पंच और उप सरपंच अपने किसी भांजे के साथ मिलकर यह अवैध कार्य कर रहा था। इस चोरी की जानकारी खनिज विभाग,वा राजस्व विभाग को शायद थी। पर कार्यवाही नहीं के बतौर है। क्यों कि आज भी जब जब खनिज विभाग गरियाबंद के अधिकारी कर्मचारी की गाड़ियां निकलता है।तो रेत चोरों को भनक पहले से लग जाता है।और रेत चोर फुर्र हो जाता है।

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वही पास के जल संसाधन विभाग के छोटे माइनर की पाइपलाइन ( दोन्द) को बड़े-बड़े हाईवा वा ट्रैक्टरों से तोड़ दिया गया।अब यह जिम्मेदारी किसकी बनती है।की उसे सुधार कौन करेगा। और आज भी पैरी नदी में रात को रेत चोरी हो रहा है। जिसे रोकने में खनिज वा राजस्व विभाग फेल है।वही अगर सूत्रों की माने तो नदी उस पार, इस पार से खलियानों में रेत डंप कर हाइवा से भरवाकर रातों रात बेच रहे हैं।
