सरपंच ने कहा सारे आरोप बेबुनियाद ,झूठे वा फर्जी,,,,,
खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,,,,
पाण्डुका/राजिम, —विकासखंड छुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पाण्डुका के सरपंच भानु ध्रुव के खिलाफ सरपंच पद का दरूपयोग कर वित्तीय अनिमितता कदाचरण कर्तब्य में लापरवाही तथा शासकीय राशि के गबन के मामले में जाँच तेज हो गयी हैं। सरपंच पर अपने पद का दरूपयोग कर सरकारी भवने रहते हुए गरीबी रेखा के राशन का अवैध उपभोग व अपने परिवार रिस्तेदारो पंच और जनपद सदस्य के नाम फर्जी जॉब कार्ड बना कर फर्जी हाजरी भरकर मनरेगा की मजदूरी राशि चढ़ा कर अवैध लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। जनपद पंचायत छुरा द्वारा गठित तीन सदस्यों की जाँच के लिए पाण्डुका पंचायत पहुंच पूछ ताछ की जा रही हैं ।

,,,,,,,,,,किसके नाम से कितनी राशि प्राप्त की मनरेगा में इन 6 नामों पर उठे सवाल,,जांच पत्र के अनुसार सरपंच भानु ध्रुव ने पांडुका मुरूम तालाब गहरीकरण एवं पचरी निर्माण तथा नया तालाब गहरीकरण कार्य में 10 दिन काम किया और ₹1,660 का भुगतान लिया। कन्हैया चक्रधारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर ने पांडुका नाली निर्माण कार्य में 42 दिन काम किया और ₹10,146 का भुगतान लिया। सीताराम,भृत्य ग्राम पंचायत पांडुका ने बोरवेल रिचार्ज पीट निर्माण, पीएम आवास कार्य और सामुदायिक जल संचयन नवीनीकरण सहित कार्यों में 31 दिन काम किया और ₹7,659 का भुगतान लिया। भोज ध्रुव, सरपंच के भाभी ने सामुदायिक जल संचयन नवीनीकरण और पैठू तालाब के कार्य में 18 दिन काम किया और ₹4,200 का भुगतान लिया। कंचन देवांगन, जनपद सदस्य ने पीएमएवाई (जी) आवास निर्माण तथा मुरूम तालाब गहरीकरण-पचरी निर्माण में 12 दिन काम किया और ₹2,477 का भुगतान लिया। वहीं गौतम शर्मा, पंच ने सामुदायिक जल संचयन नवीनीकरण एवं पैठू तालाब के कार्य में 10 दिन काम किया और ₹2,340 का भुगतान लिया। जांच पत्र में इन भुगतानों को लेकर शिकायतों का उल्लेख करते हुए संबंधित दस्तावेज और जवाब मांगा गया है। इन छह नामों पर कुल 123 कार्य दिवस और ₹28,482 के भुगतान का उल्लेख है। खास बात हैं की जब पहले टीम ने उपरोक्त लोगो से पूछ ताछ की थी तो उन्होंने इसे आरोप बता कर नकार दिया था। लेकिन प्रमाणिक दस्तावेज सामने आने के बाद आज जाँच टीम के सामने स्वीकार की उनके द्वारा कार्य की राशि प्राप्त की गई है।

,,,,,,,,,,, इसी प्रकार सरपंच भानु ध्रुव के विरुद्ध अपने भाई के साथ सिंचाई विभाग के शासकीय भवन में रहते हुए राशन कार्ड क्रमांक 225458346212 के माध्यम से स्वयं को अकेले गरीबी रेखा का दर्शाकर अंत्योदय योजना का लाभ लेते हुए गरीबी रेखा का राशन अवैध रूप से प्राप्त किया है। क्योंकि सरकारी क्वार्टर पर रहने वाला व्यक्ति बीपीएल की पात्रता नहीं रखना यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एवं छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 का गंभीर उल्लंघन एवं धोखाधड़ी है। इसके बावजूद सरपंच पद में रहते हुए लगातार सरकारी राशन लिया गया मन में जून जुलाई में राशन दुकान से मिले सरकारी दस्तावेजों में इसकी पुष्टि भी हुई है. अब इस मामले में जांच टीम के खिलाफ सरपंच गोल-गोल जवाब दे रही है और लगातार जवाब देने के लिए समय मांग रही है.।
,,,,,,,,,,,, इसी प्रकार सरपंच भानु ध्रुव द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अपने भाई डिगेश ध्रुव जो की सरकारी कर्मचारी है एवं भोज ध्रुव तथा स्वयं अतिक्रमण कर शासकीय जमीन पर काबिज थे, ग्राम पंचायत द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने के सम्बन्ध में ग्राम पंचायत से भानु ध्रुव को नोटिस जारी किया गया किंतु बाद में ग्राम पंचायत/ ग्राम सभा का प्रस्ताव में भानु ध्रुव का नाम हटा दिया गया जबकि जब पंचायत और राजस्व विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी तो सरपंच द्वारा स्वयं अपना और अपने भाई का मकान ग्राम वासियों के सामने ही तुड़वाया गया था बाद में तात्कालिक नायब तहसीलदार से साथ गांठ कर पंचनामा से अपना नाम हटवा दिया गया. इस मामले की भी जांच और पूछताछ जारी है.।

,,,,,,,,,,,,, जांच के दौरान भी विवाद, जवाब को लेकर उठ रहे सवालशिकायत से जुड़े लोगों के मुताबिक जांच दल द्वारा सरपंच से करीब दो बार पूछताछ की जा चुकी है और लिखित जवाब प्रस्तुत करने के लिए कई बार समय दिया गया, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सरपंच जांच में सहयोग करने के बजाय जांच टीम को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। जांच के दौरान सरपंच की भाभी और परिवार के अन्य सदस्यों के जांच टीम के सामने पहुंचने तथा शिकायतकर्ताओं से विवाद की स्थिति बनने की बात भी सामने आई है।
,,,,,,,,,,,शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि अपने बचाव में पंचायत से जुड़े सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ अथवा उन्हें बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उनका दावा है कि अतिक्रमण कार्रवाई से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज नायब तहसीलदार कार्यालय से गायब अथवा उपलब्ध नहीं बताए जा रहे हैं। हालांकि शिकायतकर्ता ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेज अपने पास होने की बात कही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच में दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
,,,,,,,,,वही इस बारे में सरपंच ग्राम पंचायत पांडुका भानु ध्रुव को पूछे जाने पर बताया कि सभी लोग काम किए हैं तभी उनका भुगतान हुआ है मेरे ऊपर मनरेगा में गड़बड़ी का जो आरोप लगाया गया सारे झूठ है फर्जी है। कल ही जांच टीम आई थी।जांच कर गए हैं और अभी क्या सही है क्या गलत उसका भी फैसला होना बाकी है।
