युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, पीएससी अभ्यर्थियों की शिकायतों का पारदर्शी तरीके से समाधान जरूरी — कांग्रेस

दुर्ग। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए मूल्यांकन संबंधी गंभीर सवालों एवं अनियमितताओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल एवं भिलाई नगर अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने संयुक्त रूप से राजीव भवन, दुर्ग में प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुवे जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि पीएससी की परीक्षा प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत और तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और साक्षात्कार के लिए चयन प्रक्रिया पर यदि अभ्यर्थियों की ओर से सवाल उठते हैं, तो उन शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर उनका पारदर्शी निराकरण करना आयोग एवं सरकार की जिम्मेदारी है।
जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों एवं अभ्यर्थियों द्वारा उठाए गए सवालों के अनुसार 2025 में पीएससी द्वारा 265 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई है। मुख्य परीक्षा के बाद नियम के अनुसार पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए, लेकिन 608 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। इससे चयन प्रक्रिया और निर्धारित अनुपात को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस एवं सवाल पैदा हुए हैं।
जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर भी बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने प्रेसवार्ता में कुछ उत्तर-पुस्तिकाओं की प्रतियां सामने रखकर यह सवाल उठाया गया है कि एक ही प्रश्न के सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग अंक दिए गए हैं। यदि किसी उत्तर का मूल्यांकन समान मापदंड के आधार पर होना चाहिए, तो उसमें अंतर क्यों आया, इसका स्पष्ट जवाब आयोग को देना चाहिए।
दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए मॉडल उत्तर, मूल्यांकन के मानदंड तथा अभ्यर्थियों की आपत्तियों का उचित परीक्षण किया जाना चाहिए। जिन अभ्यर्थियों ने उत्तर-पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन अथवा जांच की मांग की है, उनकी मांग पर भी आयोग को स्पष्ट और संतोषजनक जवाब देना चाहिए। हम किसी भी अभ्यर्थी के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं, हमारी मांग केवल इतनी है कि प्रदेश के हर युवा को निष्पक्ष और पारदर्शी अवसर मिले। पीएससी की परीक्षा में शामिल होने वाला प्रत्येक युवा अपने परिश्रम और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का अधिकार रखता है।
भिलाई नगर अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर ही सवाल उठ रहे हों, तब पहले उन सवालों का समाधान होना चाहिए और उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर सरकार और पीएससी को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश के युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर अभ्यर्थियों के साथ खड़ी रहेगी।
पूरे मामले में कांग्रेस के विरोध के बाद पीएससी के साक्षात्कार तत्काल स्थगित किए जाने के बाद अब कांग्रेस मांग कर रही है कि अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत उत्तर-पुस्तिकाओं एवं शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं साक्षात्कार से पहले सार्वजनिक की जाएं, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे, उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए स्पष्ट एवं समान मानदंड निर्धारित किए जाएं तथा मुख्य परीक्षा के लिए मॉडल उत्तर जारी किए जाएं, साक्षात्कार के लिए निर्धारित 1:3 अनुपात का पालन किया जाए और यदि इसमें कोई परिवर्तन किया गया है तो उसका स्पष्ट आधार सार्वजनिक किया जाए।

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