अंधेरे में डूबे दुर्ग के गांवों के बीच भाजपा सरकार का दीये जलाने का फरमान: कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने किया कड़ा विरोध

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की तानाशाही और संवेदनशीलता की पोल एक बार फिर खुल गई है। प्रदेश सरकार द्वारा यह आदेश जारी किया गया है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) के अवसर पर देश और प्रदेश के सभी विभागों के कार्यालयों में एक निश्चित संख्या में दीये जलाए जाएं। एक तरफ सरकार दिखावे और चापलूसी के इस पाखंड पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर दुर्ग जिले के अधिकांश ग्रामीण इलाकों और पंचायतों के बिजली कनेक्शन केवल इसलिए काट दिए गए हैं क्योंकि उनके बिजली बिल का बकाया लंबित है।

ग्रामीण इलाकों की पंचायतें अंधेरे में डूबी हुई हैं, पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं और आम जनता त्रस्त है, लेकिन भाजपा सरकार को जनता की इस दुर्दशा से कोई सरोकार नहीं है। उन्हें केवल विज्ञापनी चमक-दमक और उत्सव मनाने की चिंता है। इस जनविरोधी और हास्यास्पद आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दुर्ग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने इसका पुरजोर विरोध किया है। राकेश ठाकुर ने भाजपा सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा है कि जिन ग्रामीण पंचायतों के पास बिजली बिल चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं और जो महीनों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, वहां की जनता के जख्मों पर सरकार दीये जलाने का फरमान जारी कर नमक छिड़क रही है।”जब गांवों के घर और दफ्तर बिजली न होने के कारण अंधेरे में हैं, तब भाजपा सरकार का सरकारी तंत्र से दीये जलाने का आदेश केवल दिखावा, पाखंड और जनता के साथ क्रूर मजाक है।”

कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि दुर्ग जिले की जनता इस दोहरे चरित्र को और बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि भाजपा सरकार में वाकई थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो वह दिखावे के ये ढकोसले बंद करे और सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रों के कटे हुए बिजली कनेक्शनों को तुरंत बहाल करने का काम करे। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी जनता के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक इस तानाशाही का कड़ा विरोध करती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *