- विलुप्त होती छत्तीसगढ़ी संस्कृति को सहेजने युवाओं की अनूठी पहल
सेलूद। समीपस्थ ग्राम अचानकपुर में सुर पिट्टुल एसोसिएशन द्वारा पांच दिवसीय तीज पर्व का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 10 सितंबर को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसका समापन 14 सितंबर को होगा।
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक एवं विलुप्त होती संस्कृति को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने की दिशा में युवाओं की यह अनूठी पहल पिछले कई वर्षों से लगातार जारी है।
तीज पर्व मनाने पहुंचने वाली माता-बहनों के लिए आयोजन समिति द्वारा सार्वजनिक करु भात की व्यवस्था के साथ विभिन्न पारंपरिक एवं मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। इनमें खो-खो, फुगड़ी, बिल्लस, सुरीली कुर्सी दौड़, पिट्टुल, कबड्डी सहित अन्य खेल शामिल हैं।
आयोजन में गांव की महिलाएं, युवा एवं बच्चे उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं। पारंपरिक खेलों और तीज पर्व के माध्यम से आपसी भाईचारा बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का संदेश दिया जा रहा है।
