- 65 लोगों का बनाया गया ब्लड स्लाइड, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को किया जागरूक
पाटन। आयुष्मान आरोग्य मंदिर फेकारी के आश्रित ग्राम धौराभाठा में डेंगू पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रैपिड फीवर सर्वेक्षण (RFS) कराया। खंड चिकित्सा अधिकारी पाटन डॉ. बी. कठौतिया के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में घर-घर पहुंचकर बुखार एवं अन्य लक्षणों की जानकारी ली।
सर्वेक्षण के दौरान 65 लोगों का ब्लड स्लाइड तैयार कर जांच के लिए लिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेने के साथ डेंगू एवं मलेरिया के लक्षण, बचाव के उपाय तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया।
सर्वेक्षण कार्य में सेक्टर पर्यवेक्षक आर. एस. शांडिल्य, आरएचओ खेलेंद्र कुर्रे, तालसिंह ठाकुर, बिष्णु देवांगन, बसंत साहू, जितेन्द्र पटेल, ममता चंद्राकर एवं मितानिन रामदुलारी साहू शामिल रहे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि डेंगू एवं मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए घर और आसपास पानी का जमाव नहीं होने देना, पानी से भरे बर्तनों व टंकियों को ढककर रखना तथा कूलर का पानी नियमित रूप से बदलना जरूरी है। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी एवं अन्य सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की भी सलाह दी गई।
ग्रामीणों को विशेष रूप से समझाया गया कि बुखार, तेज सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई देने पर स्वयं से दवा न लें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर जांच एवं उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा धौराभाठा में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए सर्वेक्षण, जांच और जन-जागरूकता गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें और पानी का जमाव न होने दें।
