पाटन। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को सम्मान एवं आमंत्रण नहीं मिलने को लेकर ग्राम सेलूद में नाराजगी सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता महेश्वर बंछोर ने आरोप लगाया है कि देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में अपेक्षित सम्मान नहीं दिया जा रहा है।
बंछोर के अनुसार, ग्राम सेलूद में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े करीब 8 परिवार हैं, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इनमें से केवल दो-तीन परिवारों को ही अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह उन परिवारों के लिए निराशाजनक स्थिति है, जिनके पूर्वजों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि पाटन ब्लॉक का स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है और दुर्ग जिले में सर्वाधिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी देने वाले क्षेत्रों में पाटन की प्रमुख भूमिका रही है। इस गौरवपूर्ण विरासत में ग्राम सेलूद की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। ऐसे में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवारों को राष्ट्रीय पर्व पर सम्मान एवं आमंत्रण देना महज औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके पूर्वजों के त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का विषय है।
बंछोर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करने का राष्ट्रीय पर्व है। ऐसे अवसर पर राजनीति किए जाने की स्थिति चिंताजनक है।
उन्होंने मांग की कि ग्राम सेलूद में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े सभी परिवारों को समान रूप से सम्मान एवं आमंत्रण दिया जाए, ताकि उनके पूर्वजों के संघर्ष, बलिदान और देश की आजादी में योगदान को उचित सम्मान मिल सके।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को देश की आजादी के इतिहास, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराने की जिम्मेदारी भी है।
