पाटन। विकासखंड पाटन अंतर्गत एमआरएचआरयू झीट में सिकल सेल रोग (एससीडी) के प्रभावी प्रबंधन एवं नियंत्रण को लेकर आईसीएमआर-निर्थ द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झिट में आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
खंड चिकित्सा अधिकारी पाटन डॉ. भुवनेश्वर कठौतिया एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीट की चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्पना वर्मा ने बताया कि सिकल सेल रोग की रोकथाम, बचाव और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है, ताकि सिकल सेल नियंत्रण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण भारती, डॉ. अरविन्द्र कुमार, डॉ. अनिल गोयल, डॉ. सुयेश श्रीवास्तव, डॉ. नेहा गुरबानी, डॉ. उपेंद्र भेलें सहित एमआरएचआरयू झीट के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने सिकल सेल रोग का समग्र अवलोकन, रोग की जटिलताओं एवं रुग्णता प्रोफाइल, राज्य स्तरीय नियंत्रण रणनीतियों, आनुवंशिक परामर्श, परामर्श सेवाओं, नवजात शिशु जांच, सहकर्मी समूह सहयोग तथा हाइड्रॉक्सीयूरिया उपचार संबंधी दिशा-निर्देशों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही प्रतिभागियों को रोग की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार एवं जनजागरूकता बढ़ाने के उपायों से भी अवगत कराया गया।कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक चर्चा आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने सिकल सेल नियंत्रण कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए। चर्चा के पश्चात कार्यशाला का समापन हुआ।
कार्यक्रम की जानकारी प्रभारी बीईटीओ भिलाई-3 सैय्यद असलम द्वारा प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ सिकल सेल रोग नियंत्रण अभियान को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
