पाटन। जनपद पंचायत पाटन में 8 जून से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में क्षेत्र की 108 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने की जानकारी दी जा रही है।
विकास खंड समन्वयक नील मणि चंदेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण 8 जून से जनपद के सभागार में दिया जा रहा है जिसमें प्रत्येक दिवस 22 ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव को प्रशिक्षण दिया जा रहा है श्री चंदेल ने जानकारी दिया कि 11जन को रोजगार सहायक,12 जून को प्रत्येक पंचायत से एक आँगनबाड़ी कार्यकर्ता,15 जून को प्रत्येक पंचायत से एक मितानिन, 16 जून को प्रत्येक पंचायत से एक शिक्षक को प्रशिक्षण दिया जावेगा प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायत विकास के लिए निर्धारित नौ प्रमुख विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। इनमें स्वच्छ एवं हरित गांव, जल संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, बुनियादी सुविधाओं का विकास, महिला एवं बाल कल्याण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा सतत विकास से जुड़े अन्य विषय शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना का उद्देश्य गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास को गति मिलेगी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का बेहतर समन्वय हो सकेगा।प्रशिक्षण कार्यक्रम में सरपंच, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं पंचायत प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। विशेषज्ञों द्वारा योजना निर्माण, संसाधनों के उपयोग, ग्राम सभा की भूमिका तथा विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत के मास्टर ट्रेनर रणजीत सिंह,करारोपण अधिकारी कन्हैया लाल मन्नाडे एवं संकुल समन्वयक नरेश साहू ने बताया कि ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर और विकासोन्मुख बनाने के लिए जीपीडीपी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि कर गांवों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।
