पाटन। ग्राम मुड़पार के ग्रामीणों ने ग्राम पतोरा तहसील पाटन, जिला दुर्ग स्थित खसरा नंबर 192/4 में प्रस्तावित गिट्टी क्रेशर/स्टोन क्रेशर प्लांट के विरोध में जिला प्रशासन सहित संबंधित विभागों को सामूहिक आवेदन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई है। यह आवेदन जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर दुर्ग, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाटन, क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल दुर्ग, खनिज अधिकारी दुर्ग तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन को दिया गया है।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि ग्राम पतोरा में प्रस्तावित स्टोन क्रेशर प्लांट स्थापित किए जाने की जानकारी मिलने के बाद गांव में व्यापक विरोध की स्थिति है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट स्थापित होने से क्षेत्र में अत्यधिक धूल एवं ध्वनि प्रदूषण फैलेगा, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होगी, सड़कें क्षतिग्रस्त होंगी तथा जल स्रोत, कृषि भूमि एवं पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इससे बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि प्रस्तावित स्थल के आसपास आबादी क्षेत्र, कृषि भूमि, विद्यालय, आंगनबाड़ी, धार्मिक स्थल एवं पेयजल स्रोत मौजूद हैं। ऐसी स्थिति में स्टोन क्रेशर प्लांट की स्थापना जनहित एवं पर्यावरणीय मानकों के विपरीत बताई गई है।
गौरतलब हो कि ग्राम मुड़पार के ग्रामीण पहले से ही ग्राम चुनकट्टा एवं पतोरा क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांट और खदानों से हो रही समस्याओं से परेशान हैं। दोनों गांवों की सीमाएं मुड़पार से लगी हुई हैं, जिसके कारण धूल प्रदूषण, भारी वाहनों की आवाजाही और पर्यावरणीय प्रभावों का सर्वाधिक नुकसान मुड़पार के ग्रामीणों को उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से मौजूद खदानों और क्रेशरों के कारण जनजीवन प्रभावित है, ऐसे में ग्राम पतोरा में प्रस्तावित एक और नए क्रेशर प्लांट की स्थापना से स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित पक्ष द्वारा पर्यावरणीय स्वीकृति, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की अनुमति, वैधानिक एनओसी एवं ग्रामसभा की सहमति प्राप्त नहीं की गई है, तो यह स्थापना पूर्णतः अवैध एवं नियम विरुद्ध मानी जाएगी। ग्रामीणों ने संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लेख करते हुए स्वच्छ पर्यावरण एवं स्वस्थ जीवन को नागरिकों का मौलिक अधिकार बताया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पतोरा में प्रस्तावित गिट्टी क्रेशर/स्टोन क्रेशर प्लांट की स्थापना एवं संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए, संबंधित स्थल का निरीक्षण कर ग्रामवासियों की आपत्तियां दर्ज की जाएं तथा बिना वैधानिक अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या संचालन प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही ग्रामसभा की लिखित सहमति के बिना किसी प्रकार की अनुमति न देने तथा जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय प्रभावों की जांच कर आवश्यक विधिक कार्यवाही करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पूर्व में भी कई बार संबंधित विभागों के समक्ष लिखित एवं मौखिक रूप से आपत्ति दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रशासन एवं संबंधित विभाग ग्रामीणों की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सक्षम न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) एवं उच्च न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
मुड़पार के ग्रामीणों ने पतोरा में प्रस्तावित गिट्टी क्रेशर प्लांट के विरोध में दर्ज कराई आपत्ति
