दुर्ग/पाटन – सक्रिय लिपिक संघ पाटन द्वारा कर्मचारी सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ी गई निर्णायक लड़ाई आखिरकार ऐतिहासिक सफलता में बदल गई। जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग द्वारा जारी आदेश के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरर, पाटन में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 वेणु कुमार शिवारे को पुनः उसी विद्यालय में बहाल कर दिया गया है।यह केवल एक लिपिक कर्मचारी की बहाली नहीं, बल्कि लिपिक एकता, संघर्ष, साहस और संगठनात्मक ताकत की बड़ी जीत है। जिस अन्यायपूर्ण कार्यवाही के खिलाफ सक्रिय लिपिक संघ पाटन ने खुलकर आवाज उठाई थी, उसी संघर्ष की ताकत ने प्रशासन को न्यायोचित निर्णय लेने के लिए मजबूर कर दिया।
ज्ञात हो कि वेणु कुमार शिवारे के निलंबन के विरोध में सक्रिय लिपिक संघ पाटन ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दुर्ग पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था तथा स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि कर्मचारी हितों की अनदेखी हुई तो लिपिक वर्ग चुप नहीं बैठेगा। संगठन की एकजुटता, आक्रोश और मजबूत संघर्ष के परिणामस्वरूप आज प्रशासन को सकारात्मक निर्णय लेना पड़ा।

इस ऐतिहासिक जीत पर सक्रिय लिपिक संघ पाटन के अध्यक्ष गोपेंद्र चंद्राकर ने जोशीले संबोधन में कहा कि — “यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस लिपिक साथी की जीत है जिसने अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। हमने पहले ही साफ कर दिया था कि कर्मचारी सम्मान और अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। यदि संगठन एकजुट रहे तो कोई भी ताकत हमारी आवाज को दबा नहीं सकती। आज यह साबित हो गया कि जब कर्मचारी वर्ग संगठित होकर संघर्ष करता है, तो प्रशासन को भी न्यायपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है। यह केवल शुरुआत है, आने वाले समय में किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय हुआ तो सक्रिय लिपिक संघ उससे भी अधिक मजबूती के साथ मैदान में खड़ा दिखाई देगा।
”वरिष्ठ कर्मचारी नेता टिकेंद्र वर्मा ने अपने संबोधन में कहा— “लिपिक वर्ग अब जाग चुका है और अब किसी भी कर्मचारी के सम्मान पर चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमने प्रारंभ से ही कहा था कि सेवा पुस्तिका संधारण जैसी प्रक्रियात्मक विषयों पर किसी कर्मचारी को प्रताड़ित करना अनुचित है।
संगठन ने तथ्यों और नियमों के आधार पर लड़ाई लड़ी और आज सत्य की जीत हुई है। यह संघर्ष आने वाले समय के लिए एक बड़ा संदेश है कि यदि किसी कर्मचारी के साथ अन्याय होगा तो सक्रिय लिपिक संघ पूरी ताकत से उसके साथ खड़ा रहेगा। हम झुकने वाले नहीं हैं, हम रुकने वाले नहीं हैं, और कर्मचारी सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर तक संघर्ष करेंगे।”पुनः बहाली आदेश जारी होने के बाद भावुक होते हुए वेणु कुमार शिवारे ने सक्रिय लिपिक संघ पाटन के समस्त पदाधिकारियों, वरिष्ठ साथियों एवं युवा लिपिक साथियों के प्रति, एवं प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण रूप से सहयोग देने वाले को हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा— “यह मेरे जीवन के संघर्षपूर्ण समय में मिला सबसे बड़ा संबल है। मैं सक्रिय लिपिक संघ पाटन के अध्यक्ष गोपेंद्र चंद्राकर, वरिष्ठ कर्मचारी नेता टिकेंद्र वर्मा एवं उन सभी साथियों का हृदय से धन्यवाद व्यक्त करता हूं जिन्होंने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। जिस प्रकार पूरे सक्रिय लिपिक संगठन पाटन ने एकजुट होकर मेरी लड़ाई को अपनी लड़ाई माना, वह मेरे लिए कभी न भूलने वाला भावनात्मक क्षण है। मैं विशेष रूप से सभी सभी लिपिक साथियों का आभारी हूं जिन्होंने तन-मन से संघर्ष में भाग लेकर यह साबित कर दिया कि संगठन की असली ताकत उसकी एकता होती है। यह जीत केवल मेरी नहीं, बल्कि पूरे लिपिक वर्ग की जीत है।”
इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाने वाले एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दुर्ग में उपस्थित रहकर आंदोलन को मजबूती प्रदान करने वाले साथियों में प्रमुख रूप से — लिपिक संघ अध्यक्ष गोपेंद्र चंद्राकर, वरिष्ठ लिपिक साथी टिकेंद्र वर्मा, सुरेन्द्र साहू, सुखेन्द्र देवांगन , डी.आर. निर्मल, कुलदीप , पुरेंद्र बंछोर, ईश्वरी कुर्रे, शरद साहू, लोमश ऋषि साहू, खगेश कामडे, बी.के. परगनिया, श्उदित नारायण, गिरीश साहू, श्री ओमप्रकाश यादव, तुषार कामरे, वरुण साहू, सहित अनेक समर्पित एवं जुझारू लिपिक साथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सक्रिय लिपिक संघ पाटन का स्पष्ट संदेश —✊ अब अन्याय नहीं चलेगा✊ लिपिक एकता हर लड़ाई जीतेगी✊ सम्मान से समझौता नहीं होगा✊ जो संघर्ष करेगा, वही अधिकार पाएगा✊ कर्मचारी हितों पर आघात हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा अंत में सक्रिय लिपिक संघ पाटन के अध्यक्ष गोपेंद्र चंद्राकर के द्वारा संघर्ष में साथ देने वाले प्रत्येक साथी, कर्मचारी संगठन एवं शुभचिंतक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि यह जीत आने वाले समय में कर्मचारी एकता की नई मिसाल बनेगी।
