नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 20 वर्ष का सश्रम कारावास, 5 हजार जुर्माना

पाटन। नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने आरोपी  नरेंद्र टंडन को कठोर सजा सुनाई है। प्रकरण में अपर सत्र न्यायधीश दुलारसिंह के न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी द्वारा थाना पाटन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग बेटी 22 अक्टूबर 2025 को शाम करीब 6 बजे घर से बाहर निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने पर भी उसका कोई पता नहीं चला। बाद में संदेह के आधार पर एक युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म किया था। पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, साथ ही 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।इस फैसले को पीड़िता के पक्ष में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *