पाटन। ब्लॉक एग्रीडिलर्स एसोसिएशन पाटन ने कृषि आदान (खाद-बीज व कीटनाशक) व्यापारियों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लवकेश ध्रुव ज्ञापन सौंपा।
लंबे समय से लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि देशभर के एग्री इनपुट डीलर्स अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन बार-बार निवेदन के बावजूद ठोस पहल नहीं हुई। इसी के चलते 27 अप्रैल को व्यापारियों ने सांकेतिक हड़ताल भी की थी। पाटन ब्लॉक के डीलर्स ने भी इस आंदोलन में भाग लेते हुए अपनी मांगों को दोहराया।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य लिंकिंग बंद करने, खाद की आपूर्ति FOR (फ्री ऑन रोड) आधार पर सीधे विक्रय केंद्र तक सुनिश्चित करने, बढ़ती लागत के मद्देनजर डीलर मार्जिन कम से कम 8 प्रतिशत करने और साथी (SATHI) पोर्टल को सरल व व्यवहारिक बनाने की मांग की गई है।
डीलर्स का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में उन्हें अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। साथ ही, जटिल ऑनलाइन प्रक्रियाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार संचालन प्रभावित हो रहा है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगे उग्र आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने की मांग की है, ताकि व्यापारियों के साथ-साथ किसानों को भी समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध हो सके। मौके पर मुख्य रूप से धर्मेंद्र वर्मा, रज्जू सोनी, लक्ष्मीनारायण पटेल, संतोष मिश्रा,सौरभ चंद्राकर,शीतल देवांगन, आशीष गांधी, दौलत सिन्हा सहित अन्य उपस्थित थे।
