खबर हेमंत तिवारी,,,,,,,,
राजिम– जनपद पंचायत फिंगेश्वर की विशेष बैठक में अधिकारियों के रवैये से व्यथित जनपद सदस्यों ने पीएचई के अनुविभागीय अधिकारी नवीन साहू को जनहित में तत्काल हटाने संबंधी सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। इससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को आयोजित बैठक में जल जीवन मिशन योजना में व्यापक लापरवाही एवं मनमानी से ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पानी की आपूर्ति में हो रही अनियमितता पर जमकर चर्चा हुई। जनपद सदस्यों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर आम जनता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
जनपद अध्यक्ष इंद्राणी नेहरू साहू ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता की कमी एवं पानी की समस्या तथा बोर खनन पर लापरवाहीपूर्वक जवाब देने के कारण एसडीओ नवीन साहू को हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि कोई भी अधिकारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए शासन को अनुशंसा की जाएगी। वही, जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि बैठक में जब पीएचई विभाग से पिछले एक वर्ष में बोर खनन की जानकारी ली गई तो पता चला कि एक भी बोर खनन नहीं किया गया है। विभागीय मशीन पिछले 6 महीने से खराब है और 1 मशीन देवभोग में कार्यरत है। विभाग के पास नट-बोल्ट खरीदने के लिए पैसा नहीं है। नवीन साहू ने बताया कि मशीन खराब की जानकारी जिला अधिकारियों को दी गई है। हम अपने जेब से नहीं बनवा सकते। इसी कारण इस वर्ष एक भी बोर खनन नहीं हो पाया है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि अब जवाबदेही तय होगी और काम के प्रति लापरवाह रवैया अपनाने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस निर्णय को जनपद क्षेत्र में प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है। बैठक में जनपद अध्यक्ष इंद्राणी नेहरू साहू, उपाध्यक्ष सतीश यादव, सभापति नंदू यादव, दिलीप साहू, मंजू साहू, राधेश्याम साहू, नीतू साहू, हीरामणी साहू, आशीष पांडे, सीमा शर्मा, रामेश्वरी कुर्रे, नीता साहू, गोदावरी साहू, रूखमणी सिंह, उमा साहू मौजूद थे।
बॉक्स में
जल जीवन मिशन की बदहाली के पांच मुख्य बिंदु:
- 36 करोड़ की योजना अधर में: फिंगेश्वर नगर पंचायत में 2022-23 में 36 करोड़ की अमृत जल जीवन मिशन योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन 90% काम पूरा होने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा।
- पुरानी पाइपलाइन तबाह: नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान पुरानी लाइन को बेतरतीब तरीके से तोड़ दिया गया, जिससे वैकल्पिक व्यवस्था भी ठप हो गई।
- सरगी नाला का एनीकेट सूखा: योजना के तहत पानी रोकने के लिए बनाया गया एनीकेट बांध में पानी का अभाव है, जिससे टंकी तक पानी नहीं पहुंच रहा।
- टैंकर व्यवस्था भी फेल: नगर पंचायत द्वारा टैंकर से पानी दिया जा रहा है, पर यह सिर्फ कुछ वार्डों तक सीमित है। अधिकांश वार्डो में पेयजल की भारी किल्लत है।
- केंद्र की डेडलाइन मिस: जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक हर घर नल से जल का लक्ष्य था, लेकिन ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में 70 प्रतिशत से ज्यादा घर अब भी वंचित हैं।
