दुर्ग। प्रिज्म ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स, महकाखुर्द, दुर्ग द्वारा 22 अप्रैल 2026 को “बौद्धिक संपदा अधिकार: आधुनिक युग में नवाचारों की सुरक्षा” विषय पर एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की निदेशक ख्याति साहू के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने नवाचारों को सुरक्षित रखने में IPR की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “प्रिज्म में हम मानते हैं कि हर विचार को सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह कार्यशाला हमारे विद्यार्थियों को जागरूक बनाने की दिशा में एक कदम है, ताकि वे बिना किसी डर के नवाचार कर सकें।”
इस सत्र की मुख्य वक्ता थीं डॉ. शुभ्रता नागपाल, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दुर्ग। डॉ. नागपाल ने पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और औद्योगिक डिज़ाइन जैसे विषयों पर अपने विस्तृत ज्ञान को साझा किया और छात्रों, शोधकर्ताओं एवं उभरते उद्यमियों के लिए IPR के महत्व को समझाया।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आज की नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था में अपने विचारों की सुरक्षा करना उतना ही आवश्यक है जितना कि उन्हें उत्पन्न करना। हर विद्यार्थी को अपने भविष्य के योगदान को सुरक्षित करने के लिए IPR की मूलभूत जानकारी होना जरूरी है।”
इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के छात्रों एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इंटरएक्टिव सत्रों के माध्यम से पेटेंट फाइलिंग की व्यावहारिक जानकारी और IPR सुरक्षा से जुड़े वास्तविक उदाहरणों पर चर्चा की गई।
यह कार्यक्रम महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों जिनका पी एच डी हो गया और जो अभी पी एच डी कर रहे हैं, सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रहा।
कार्यक्रम का समापन संस्थान के अध्यक्ष श्री रुपेश गुप्ता के समापन भाषण के साथ हुआ। उन्होंने आयोजन टीम के प्रयासों और डॉ. नागपाल द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, “ज्ञान प्रगति की नींव है और उस ज्ञान की सुरक्षा ही बुद्धिमत्ता है। मुझे गर्व है कि प्रिज्म अपने विद्यार्थियों को सृजनकर्ता बनने के साथ-साथ अपने विचारों की सुरक्षा करना भी सिखा रहा है।” उन्होंने वक्ता, अतिथियों एवं प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
