पाटन। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम रूही के ग्रामीणों ने पेठू तालाब में अवैध उत्खनन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने जनदर्शन कार्यक्रम के तहत कलेक्टर को आवेदन सौंपकर तत्काल जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत रूही के सरपंच मोनिका पटेल एवं सचिव के संरक्षण में खसरा नंबर 1137, रकबा 1.64 हेक्टेयर स्थित पेठू तालाब का अत्यधिक गहरीकरण किया जा रहा है। यह तालाब ग्रामवासियों के निस्तारी का प्रमुख स्रोत है, जिससे दैनिक उपयोग एवं पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था होती है।
मुरम के अवैध उत्खनन व बिक्री का आरोप
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि तालाब से बड़े पैमाने पर मुरम निकालकर उसका अवैध परिवहन एवं विक्रय किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक लगभग 1000 ट्रक मुरम बाहर भेजा जा चुका है, जिससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व में मनरेगा के तहत बनाई गई सड़क में गड्ढे होने के कारण बरसात में आवागमन में भारी परेशानी होती है। सरपंच द्वारा सड़क सुधार के लिए मुरम डालने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बजाय मुरम का निजी लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है।
निस्तारी व सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के अत्यधिक गहरा होने से भविष्य में निस्तारी कार्य प्रभावित होगा। साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है और जल भराव की स्थिति में तालाब अनुपयोगी हो सकता है।
जांच व कानूनी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पेंडू तालाब में हो रहे उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
रूही के पैठू तालाब में अवैध उत्खनन की शिकायत, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग
