?रिपोर्टर:-विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद ब्यूरो
जनपद पंचायत मैनपुर के 74 ग्राम पंचायतों से लगभग 2000 नया राशन कार्ड बनाने खाद्य विभाग मे गया है। राशन कार्ड तत्काल दिए जाने हितग्राहियों ने किया मांग
गरियाबंद।कोरोना महामारी (कोविड-19 )से गरीब,मजदूर आर्थिक दौर से गुजरने मजबूर है।भूपेश बघेल सरकार के दिशा निर्देशों के आधार पर वास्तविक गरीब, मजदूर जिनका राशन कार्ड नहीं बन पाया है। उन सभी पात्र हितग्राहियों का राशन कार्ड बना कर तत्काल दिया जाना है। जिससे समयानुसार खाद्यान्न सोसाइटी से खाद्यान्न की खरीदी न्यूनतम मूल्य में करते हुए आर्थिक संकटों के दौर से उबर सके। लेकिन ताज्जुब की बात है।
ग्राम पंचायतों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को चिन्हांकित करते हुए सूची जनपद पंचायत के माध्यम से खाद्य विभाग गरियाबंद में दिए महीनों बीतने को है। लेकिन अभी तक राशन कार्ड खाद्य विभाग की तरफ से नहीं बनाया गया।जिसके कारण आर्थिक संकटों से गुजरते हुए ग्रामीण इलाकों के गरीब, मजदूर भूखे प्यासे जीवन जीने मजबूर हैं। मेहनत मजदूरी से कमाया हुआ रुपयों से महंगे दामों में बाजारों से खाद्यान्न की खरीदी करने मजबूर हो रहे हैं।शासन प्रशासन के नियमों के आधार पर कार्य को होने महीनों बीत जाता है । उसके बाद भी राशन कार्ड पात्र हितग्राहियों को बनाकर नहीं दिया जाना कहीं न कहीं सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।जनपद पंचायत मैनपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के द्वारा पात्र हितग्राहियों का राशन कार्ड बनाने के लिए महीनों से खाद्य विभाग को सूची दिया गया है।तत्काल राशन कार्ड बना कर दिए जाने की मांग जिला के कलेक्टर, सीईओ से सैकड़ों गरीब मजदूरो ने किया है। जिससे आर्थिक संकटों से उबरने का सहारा मिल जाए।
इस संबंध में क्या कहते हैं अधिकारी…
छत्तर सिंह डेहरे कलेक्टर जिला गरियाबंद,, संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल पात्र हितग्राहियों का राशन कार्ड बनाने निर्देशित करता हूं।
