सघन कुष्ठ जांच खोज अभियान के तहत किया जा रहा ग्रामीणों का जांच

पाटन। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग डॉ मनोज दानी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी पाटन डॉ भुवनेश्वर कठौतिया के आदेशानुसार तथा खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी बीएल वर्मा एवं चंद्रकांता साहू के मार्गदर्शन में पाटन ब्लॉक में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सघन कुष्ठ जांच खोज अभियान (एलसीडीसी)8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलाया जा रहा है इसके तहत स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला घर घर जाकर लोगों को कुष्ठ रोग के विषय में जागरूक कर रहा है एवं प्रत्येक व्यक्ति के शरीर की जांच की जा रही है । अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि समय पर कुष्ठ रोग की पहचान हो सके और मरीज को विकृति से बचाया जा सके ।आयुष्मान आरोग्य मन्दिर फेकारी के आरएचओ बसंत साहू ने जानकारी देते हुए बताएं कि कुष्ठ रोग पूर्व जन्म का पाप या देवी प्रकोप या बुरे कर्मों का फल नहीं है बल्कि माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होने वाला एक साधारण रोग है यह रोग त्वचा एवं तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है उपचार से पूर्णता ठीक हो जाता है जैसे अन्य बीमारियां ठीक हो जाती है। यदि इस रोग का उपचार शीघ्र प्रथम लक्षण देखे शुरू कर दिया जाए तो अक्षमता और विकृति से भी बचाव हो सकता है । कुष्ठ रोग की दवा बहू औषधि उपचार एमटी सभी सरकारी अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त में मिलता है । पर्यवेक्षक आरएस शांडिल्य ने बताया कि अभियान के सुचारू रूप से संचालन के लिए जनसँख्या के हिसाब से टीम का गठन किया गया है जिसमे मितानिन मुख्य भूमिका में है एवं प्रत्येक टीम सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है साथ ही उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग का संदेह हमें कब करना चाहिए जब त्वचा पर त्वचा के रंग से हल्के फीके बदरंगा लालिमा लिए हुए दाग हो ,इन दागों में सुन्नपन हो इन दागों में खुजली नहीं होती, चेहरे पर तेलिया तामिया चमक एवं छोटी-छोटी गठानें हो, हाथ पैर में लगातार झुनझुनी या सुन्नपन हो ,आँख के ऊपर के भौंह झड़ गए हो ,नाक चपटा हो गया हो,हाथ पैर में कोई विकृति हो आदि रोग के प्रमुख लक्षण है ।निम्न लक्षण मिलने पर व्यक्ति को तुरंत पास के अस्पताल में जांच करने के लिए भेजा जाना चाहिए।बीएमओ डॉ कठौतिया ने बताया कि अभियान की व्यापक मॉनिटरिंग की जा रही है डेली रिपोर्टिंग एवं शंकाप्रद मरीजो की लाईन लिस्ट ऑनलाइन किया जा रहा है एवं संदेहास्पद मरीजो का जांच कर रोग की पुष्टि का कार्य भी साथ साथ चल रहा है।

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