रिपोर्टर _रोशन लाल अवस्थी
गरियाबंद जिले के अमलीपदर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां कुछ जोशीले युवाओं ने दिखा दिया कि अगर इरादे सच्चे हों तो किसी बदलाव के लिए सरकार का इंतज़ार नहीं करना पड़ता।
पंचायत में जंग खाकर कबाड़ बन चुके कचरा वाहन को युवाओं ने अपनी पॉकेट मनी से दुरुस्त कराया, गाड़ी की रंगाई-पुताई और बॉडी रिपेयर करवाया। अब वही गाड़ी पूरे मोहल्ले की सफाई में लगी है। हफ्ते में दो दिन ये युवा खुद वाहन चलाकर घर-घर से कचरा उठाते हैं और क्षेत्र को स्वच्छ रखने का जिम्मा निभा रहे हैं।

सिर्फ यही नहीं — सफाईकर्मी न होने पर युवाओं ने जेसीबी और ट्रैक्टर बुलाकर श्रमदान से सफाई अभियान चलाया। इस अभियान में थाना प्रभारी दिलीप कुमार मेश्राम, जनपद सदस्य निर्भय ठाकुर और ग्रामीणों ने भी हिस्सा लिया।
इसके बाद युवाओं ने देखा कि प्राथमिक शाला में बाउंड्री वॉल नहीं थी, जिससे असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ रही थी। शिकायतें बेअसर रहीं तो उन्होंने अपनी पॉकेट मनी से स्कूल की बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया।

इन युवाओं ने “संघर्ष समिति” बनाकर एक नई सोच की शुरुआत की है—“पहले खुद बदलो, फिर समाज बदलेगा।”अमलीपदर के इन युवा नायकों ने साबित कर दिया —जब जनता जिम्मेदारी लेती है, तब विकास सच्चाई बनता है, वादों से नहीं।
