शिक्षक और पालक के योगदान से बच्चों में निहित शिक्षा गुणवत्ता की जांच सामाजिक अंकेक्षण द्वारा हुआ

कौही**गैर शिक्षकीय व अनावश्यक आनलाइन कार्यों से शिक्षकों को मुक्त रखने से शिक्षा गुणवत्ता में और बढ़ोतरी संभव**शासकीय प्राथमिक शाला कौही में बुधवार 8 अक्टूबर को सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से शिक्षा गुणवत्ता की जांच हुई

शासकीय प्राथमिक शाला कौही में बुधवार 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता जांच सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से किया गया।

जिसमें विद्यालय – शिक्षक और बच्चों से संबंधित 20 प्रश्नों के माध्यम से सरकार द्वारा शिक्षा गुणवत्ता हेतु चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रगति को परखा गया।विद्यालय पहुंचे टीम लीडर श्रीमती शशीकला वर्मा के प्रश्नों पर बच्चों के द्वारा दिए गए उत्तर पर उपस्थित जनप्रतिनिधि, शाला प्रबंधन समिति पदाधिकारी, पालक और शिक्षक खुश नज़र आएं। तथा जांच में विद्यालय का स्तर औसत से बेहतर पाया गया।इस दौरान उपस्थित पालकों ने बच्चों में निहित शिक्षा गुणवत्ता के लिए शिक्षक के साथ पालक के योगदान को भी स्वीकार किए। तथा अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जागरूक पालक बनने का संकल्प लिए।साथ ही बच्चों के शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शिक्षकों के अधिक से अधिक समय अध्यापन के लिए उपलब्ध कराने शिक्षकों को चुनाव – जनगणना सहित गैर शिक्षकीय कार्यों व अनावश्यक आनलाइन कार्यों से मुक्त रखने शासन से अपेक्षा रखी।

सामाजिक अंकेक्षण के पश्चात बच्चों को न्यौता भोजन में खीर – पूड़ी परोसा गया।शासकीय प्राथमिक शाला कौही में सामाजिक अंकेक्षण के दौरान सरपंच श्रीमती लीना साहू, उपसरपंच हेमु सोनकर,टीम लीडर श्रीमती शशीकला वर्मा,प्रधानपाठक राजेन्द्र मारकण्डे, शिक्षक टोकेन्द्र बिजौरा, त्रिलोचन साहू, चन्द्रकांत नेताम, शिक्षा स्वयं सेवी श्रीमती लेखा ठाकुर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शाला प्रबंधन समिति पदाधिकारी व पालकगण उपस्थित रहे।a

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