ये कैसी दोहरी नीति – आत्मानंद स्कूलों में प्राचार्य पदोन्नति के लिए पद रिक्त, पर व्याख्याता पदोन्नति के लिए नहीं..!

**शालेय शिक्षक संघ ने किया मांग आत्मानंद स्कूलों के सभी रिक्त पदों को पदोन्नति हेतु कराये उपलब्ध ताकि इन स्कूलों का अध्यापन न हो बाधित और शिक्षकों को भी मिलेगा पदोन्नति के लिए ज्यादा पद

स्कूलों के सफल व सुचारू संचालन हेतु प्राचार्य,व्याख्याता, माध्यमिक/प्राथमिक प्रधान पाठक और शिक्षक के सभी रिक्त पदों पर हो जल्द पदोन्नति- वीरेंद्र दुबे**

समस्या- दंतेवाड़ा सहित कई जिलों के अधिकांश स्कूल आत्मानंद घोषित,विडंबना यह कि पदोन्नति के रिक्त पदों में इन स्कूलों में नही किया गया है शामिल : शिक्षामंत्री लें संज्ञान, आत्मानंद के सभी रिक्त पद भी पदोन्नति के लिए हो उपलब्ध*शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा सहित विभिन्न जिलों में आत्मानंद स्कूलों के रिक्त पदों को पदोन्नति हेतु उपलब्ध न कराये जाने को लेकर शिक्षामंत्री व शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर मांग किया है कि *जब प्राचार्य पदोन्नति हेतु प्रदेश के आत्मानंद स्कूलों के रिक्त पदों को उपलब्ध कराकर कर प्राचार्य पदोन्नति दी गई है, इसी तरह बीएड धारी सहायक शिक्षको को प्रयोगशाला सहायक के पद पर इनकी नियुक्ति आत्मानंद स्कूलों के रिक्त पदों पर की गई है तो व्याख्याता / प्रधानपाठक माध्यमिक/प्राथमिक व शिक्षक के पदों को क्यों पदोन्नति हेतु उपलब्ध नही कराया जा रहा है ? आत्मानंद स्कूलों के सभी रिक्त पद पदोन्नति हेतु उपलब्ध हो हम शिक्षामंत्री से यह मांग करते हैं।संगठन के महासचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान में प्रक्रियाधीन व्याख्याता टी संवर्ग पदोन्नति की काउंसेलिंग में सभी जिलों में सभी विषयों के भारी संख्या में व्याख्याता के पद रिक्त होने के बावजूद आत्मानंद (सेजेस) शालाओं के रिक्त पदों को शामिल नहीं किया गया है, जबकि प्राचार्य टी संवर्ग की पदोन्नति तथा सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला सीधी भर्ती में आत्मानंद शालाओं के रिक्त पदों पर पदस्थापना की गई है।

आत्मानंद शालाओं के रिक्त पदों को पदोन्नति की काउंसेलिंग में शामिल नहीं करने के कारण दंतेवाड़ा जिले में किसी भी विषय के पदोन्नत एक भी व्याख्याता को दंतेवाड़ा जिले में पदस्थापना का कोई भी विकल्प नहीं मिल रहा है।

अन्य जिलों में भी विभाग में ही कार्यरत कर्मचारियों को अत्यंत कम विकल्प मिल रहे हैं, जबकि आत्मानंद शालाओं के इन्हीं रिक्त पदों पर प्रतिनियुक्ति, संविदा भर्ती तथा अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना का खेल खेला जा रहा है। विभाग की उक्त नीति व प्रक्रिया भेदभाव पूर्ण तथा अत्यंत खेदजनक है। शालेय शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी व प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि है कि युक्तियुक्तकरण के तहत दुर्ग/बालोद सहित अन्य जिले में कार्यरत शिक्षकों व व्याख्याता को अन्य जिलों में पदस्थापना दी गई, जबकि जिले के आत्मानंद शालाओं में बड़ी संख्या में पद रिक्त थे। आत्मानंद शालाओं में पद रिक्तता के बावजूद जिले में पदस्थापना न देकर अन्य जिलों में पदस्थापना दिए जाने के कारण शिक्षक संवर्ग में भारी आक्रोश है।

वर्तमान में दुर्ग जिले की इन्हीं आत्मानंद शालाओं में रिक्त पदों पर प्रतिनियुक्ति तथा संविदा भर्ती की कार्यवाही की जा रही है।इन रिक्त पदों पर जिला दुर्ग व बालोद में कार्यरत शिक्षक संवर्ग को आवेदन करने के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं दिया जा रहा है जबकि दूरस्थ जिलों में पदस्थ शिक्षक दुर्ग जिले की आत्मानंद शालाओं में प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन कर रहे हैं। उक्त प्रक्रिया में भारी लेन-देन और शिक्षकों का भयादोहन जिला स्तर पर किए जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही है। जिला स्तर की इन अनियमितताओं के कारण शिक्षक संवर्ग में आक्रोश पनप रहा है तथा उक्त प्रक्रिया से युक्तियुक्तकरण के उद्देश्य पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।

शालेय शिक्षक संघ के दंतेवाड़ा जिलाध्यक्ष सन्तोष मिश्रा ,बीजापुर के जिलाध्यक्ष प्रह्लाद जैन आदि अन्य जिलाध्यक्षों ने मांग किया है कि आत्मानंद (सेजेस) के स्कूलों में व्याख्याता के रिक्त पदों को अभी T संवर्ग व्याख्याता पदोन्नति काउंसलिंग हेतु दिखाया जाना चाहिए। दुर्ग/ बालोद व अन्य जिले की आत्मानंद शालाओं में जारी संविदा भर्ती व प्रतिनियुक्ति की समीक्षा करते हुए अनियमितता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध समुचित कार्यवाही करें। तथा 2008 के सेटअप के तहत पदोन्नति भरे जाने वाले पदों पर यथाशीघ्र पदोन्नति प्रदान करें।

शालेय शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारी सुनील सिंह,विष्णु शर्मा,डॉ सांत्वना ठाकुर,सत्येंद्र सिंह,विवेक शर्मा,गजराज सिंह,राजेश शर्मा,शैलेश सिंह,प्रह्लाद जैन,सन्तोष मिश्रा,सन्तोष शुक्ला,शिवेंद्र चंद्रवंशी,दीपक वेंताल,यादवेंद्र दुबे,सर्वजीत पाठक,मंटू खैरवार,पवन दुबे,नंदकुमार अठभैया, भोजराम पटेल,विनय सिंह,आशुतोष सिंह,भानु डहरिया,रवि मिश्रा,बिजेंद्रनाथ यादव,जितेंद्र गजेंद्र,अजय वर्मा,कृष्णराज पांडेय,घनश्याम पटेल,बुध्दहेश्वर शर्मा,प्रदीप पांडेय,उपेंद्र सिंह,पवन साहू,मनोज पवार,देवव्रत शर्मा, कैलाश रामटेके,अब्दुल आसिफ खान,सरवर हुसैन,कुलदीप सिंह चौहान,नेमीचंद भास्कर,राजेश यादव,अमित सिन्हा, विक्रम राजपूत,सुशील शर्मा,विजय जाटवर, शशि कठोलिया,विजय बेलचंदन, अशोक देशमुख,तिलक सेन,द्वारिका भारद्वाज, आदि पदाधिकारियो ने सरकार से उपरोक्त मांगो पर जल्द से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

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