छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना रजत जयंती अवसर पर लोक मंजरी हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन

छत्तीसगढ़ स्थापना रजत जयंती वर्ष के गौरवशाली अवसर पर एवं राष्ट्रीय हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली में लोक मंजरी हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था प्राचार्य डॉ.अनुपमा अस्थाना के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में और डॉ.पूजा पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक हिंदी के तत्वावधान में किया गया। 

सर्वप्रथम माँ सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी की आराधना के पश्चात् प्राचार्य डॉ. अनुपमा अस्थाना ने अपने उद्बोधन में कहा कि मां हिंदी को समर्पित आज का दिन हमें यह संकल्प दिलाता है कि हम हिंदी के प्रयोग को बढ़ाएँ और इसे और सशक्त बनाएँ। हिंदी न केवल हमारी राजभाषा है अपितु ये हमारी राज्य की भी राजभाषा है। हमारी मातृभाषा छत्तीसगढ़ी का सम्बन्ध भी पूर्वी हिंदी से है। हमें अपनी राज भाषा और मातृभाषा के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करना है ।

डॉ. पूजा पाण्डेय ने समस्त सुधिजनों हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोक मंजरी हिंदी दिवस कार्यक्रम न केवल मां हिंदी को स्मरण, वंदन और उनके उत्तरोत्तर समृद्धि का प्रयास है अपितु  हिंदी के अंतर्गत आने वाली छत्तीसगढ़ की राजभाषा छत्तीसगढ़ी के भी प्रगति और उन्नति का प्रयास है।

कार्यक्रम के अंतर्गत हिंदी भाषा एवं छत्तीसगढ़ी हिंदी की कविताओं का पाठ छात्र- छात्राओं के द्वारा किया गया । इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता प्रो शंभू प्रसाद ने अपनी स्वरचित कविताओं का वाचन किया।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ.पूजा पाण्डेय के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में प्रो. नागरत्ना गनवीर, प्रो.निवेदिता मुखर्जी, प्रो.नूतन देवांगन,डॉ.पूजा पाण्डेय, प्रो. विनीता,प्रो. सतीश गोटा, प्रो. वेद प्रकाश सिंह, ,प्रो. रौशन,श्री गुलशन देवांगन, श्री संतोष कुमार, श्री सुखनंदन साहू, श्री व्यास नारायण, श्रीमती मालिनी, श्री दीपक ,श्रीमती रंजना, श्रीमती जयश्री, समेत महाविद्यालय के समस्त अधिकारी, कर्मचारी गण एवं बड़ी संख्या में छात्र- छात्राओं की उपस्थिति रही।

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