- ग्रामीण आजीविका संवर्धन और सामाजिक नवाचार में उत्कृष्ट योगदान के लिए गोपेश साहू का हुआ सम्मान
मुंबई। यंग इंडियंस (Yi) मुंबई चैप्टर द्वारा आयोजित “ग्रामीण पहल 1.0” (Rural Raise 1.0) सम्मेलन का भव्य आयोजन मुंबई के प्रतिष्ठित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) बोर्डरूम में किया गया। दो दिवसीय इस आयोजन का केंद्रीय विषय था — “पैसा कभी नहीं सोता”, जो ग्रामीण उद्यमिता और वित्तीय पुनर्जागरण पर केंद्रित रहा।
इस सम्मेलन का उद्घाटन देश के शीर्ष वित्तीय और औद्योगिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में हुआ। जिसमें अनुपम मित्तल, संस्थापक पीपल ग्रुप (Shaadi.com, Makaan.com), नीलेश शाह ग्रुप प्रेसिडेंट व एमडी कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट,राधिका गुप्ता एमडी व सीईओ एडलवाइस म्यूचुअल फंड,अन्ना रॉय प्रधान आर्थिक सलाहकार नीति आयोग सहित कार्यक्रम की विशेष सत्र में उपस्थित केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जिन्होंने नवाचार से प्रेरित ग्रामीण भारत के भविष्य की दिशा तय करने पर जोर दिया।
प्रेरणादायक सत्र और अनुभव साझा
कार्यशाला के दौरान दो पालियों में विशेषज्ञों ने ग्रामीण उद्यमियों से संवाद किया। डॉ. अनिल मेनन ने व्यवसाय की बुनियादी समझ, उसमें आने वाली चुनौतियों और समाधान की दिशा में उपयोगी मार्गदर्शन दिया।
छत्तीसगढ़ से सम्मान — गोपेश साहू
इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए गोपेश साहू को ग्रामीण आजीविका संवर्धन और सामाजिक नवाचार में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं सुप्रसिद्ध अभिनेता श्री जैकी श्रॉफ द्वारा प्रदान किया गया। पूर्व जनप्रतिनिधि और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता गोपेश साहू वर्षों से ग्रामीण आवाजों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में सक्रिय हैं। उनकी यह उपलब्धि दुर्ग जिला और पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक गौरवशाली क्षण है।

कलात्मक अभिव्यक्ति से सम्मान
ग्राम पतोरा की युवा कलाकार डेजी रानी साहू द्वारा बनाई गई चारकोल चित्रकला को केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत को भेंट किया गया, जिससे कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभा को भी मंच मिला।
एक आंदोलन की शुरुआत
भारत के 12 राज्यों से आए ग्रामीण चेंजमेकर्स ने इस सम्मेलन में भाग लिया। वे केवल प्रतिनिधि नहीं, बल्कि भारत के ग्रामीण नवजागरण के अग्रदूत हैं।
“यह केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि विश्वास, नवाचार और जड़ों से जुड़े भारत के पुनर्जागरण का आंदोलन है।”आशा, नवाचार और भागीदारी के साथ वे हम पर विश्वास करते हैं,हम उनके साथ चलते हैं भारत के लिए, अभी के लिए, भविष्य के लिए।
