पाटन। स्कूल से वापस अकेले अपने घर आ रही बच्ची को बुलाकर उसे उसके घर छोड़नेंका विश्वास दिलाकर गांव के एक व्यक्ति के घर के बाहर बने बाथरूम में ले जाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायधीश पाटन जिला दुर्ग दुलार सिंह निर्मलकर की कोर्ट ने आरोपी कमलजीत नायक उम्र 48 वर्ष को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए अर्थदंड एवं अर्थदंड नहीं देने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिकृत लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने पैरवी किया।
मामला पाटन थाना के ग्राम पंदर की है पीड़िता की मां ने दिनांक 03.09.2024 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री पीड़िता प्रतिदिन की तरह पाटन स्कूल से पढ़कर छुट्टी होने के उपरांत दोपहर 2 बजे स्कूल बस से ग्राम पंदर के आंगनबाड़ी के पास उतरी घर वापस आते समय आंगनबाड़ी के पास बैठे आरोपी कमलजीत नायक के बुलाने पर उसके पास गई। आरोपी के द्वारा लड़की को उसके घर छोड़ने का आश्वासन देकर गांव के एक व्यक्ति के घर के बाहर बने बाथरूम में ले जाकर बाथरूम का दरवाजा बंद का दुष्कर्म किया। शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
