पाटन, *भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर ट्रस्ट अखरा एवं छ. ग.मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज पाटन राज के संयुक्त तत्वाधान में भगवान जगन्नाथ स्वामी जी की भब्य रथ यात्रा निकली जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रभु भगवान* *जगन्नाथ, भैया बलभद्र, एवं बहन सुभद्र जी की दर्शन लाभ लिया और जगन्नाथ जी की रथ भी खिंचे ऋग्वेद में देवताओं के रथ यात्रा करने का उल्लेख मिलता है।भगवान जगन्नाथ अपने दिव्य रथों पर यज्ञ स्थल की ओर आये। यह कल्पना आज भी जगन्नाथ यात्रा में जीवंत है,जहां भगवान स्वयं नगर भ्रमण पर निकलते है।

महाप्रभु भगवान जगन्नाथ जी का रथ खिंचना महापुण्य का कार्य माना जाता है,एवं सात जन्मों का पाप नष्ट हो जाता है।
सुबह मंदिर प्रांगण में सत्यनारायण भगवान की पूजा अर्चना विधि विधान से किया गया के पश्चात अतिथियो का स्वागत संक्षिप्त उद्बोधन और उसके बाद मुख्य अतिथि के द्वारा छेरा पहरा कर रथयात्रा के इस महापर्व को आकर्षक बनाने के लिए रथ के आगे आगे ग्राम अमेरी नर्तक दलों के द्वारा नृत्य प्रस्तुत करते हुए युवा साथियों के द्वारा भब्य आतिशबाजी के साथ महाप्रभु रथ पर विराजमान होकर मंदिर ट्रस्ट के रूट चार्ट के अनुसार समाज के युवा अध्यक्ष राकेश आडिल एवं महिला अध्यक्ष रंजना वर्मा के नेतृत्व में नगर पंचायत पाटन क्षेत्र अंतर्गत अखरा,अटारी ,खोरपा,पुराना बाजार चौक इंदिरा नगर,से भाठापारा अखरा से भ्रमण करते हुए जगन्नाथ मंदिर परिसर में आगमन हुआ एवं साथ ही गजा मूंग प्रसाद का वितरण किया गया।

महाभोग (खिचड़ी) का वितरण आत्मानंद चौक के पास किया गया जहाँ हजारों की संख्या में भक्त गण प्रसाद ग्रहण किया । मंदिर ट्रस्ट के सचिव एवं मीडिया प्रभारी केदार कश्यप ने बताया कि भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा केवल एक यात्रा नही,बल्कि एक दर्शन है-ईश्वर का, भक्ति का,सेवा का और समाज के लिए समानता का हमें यह सिखाती है कि भगवान मंदिर में सीमित नहीं है, वे स्वयं भक्तो के पास आते हैं और सभी को अपनी भुजाओं में समेटते है-बिना भेदभाव बिना जात पात यह यात्रा हमें आद्यात्मिक एकता, सांस्क़ृतिक गौरव और मानवता एवं सेवा की प्रेरणा देती है।**राजप्रधान पाटन राज युगल किशोर आडिल ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट एवं कुर्मी समाज के अथक प्रयास से यह कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।
आगामी वर्ष में इस रथ यात्रा को और व्यापक रूप में करने का प्रयास करेंगे।*
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कुर्मी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोड़सराम कश्यप, जगन्नाथ मंदिर के मुख्य न्यासी अमर चंद वर्मा, पाटन राज प्रधान युगल किशोर आडील, दुर्ग राज प्रधान ईश्वरी वर्मा, पलारी राज प्रधान रामखिलावन वर्मा ,रायपुर राज प्रधान जागेश्वर प्रसाद वर्मा, धरसीवां राज प्रधान नीलमणि परगनिहा, * *परगनिहा ,अर्जुनी राज प्रधान हरिराम वर्मा ,चंदखुरी राज प्रधान चिंताराम वर्मा, ब्रिगेडियर विजय कश्यप, आईं आईं टी मुंबई के पूर्व डायरेक्टर डॉ. भगवती कश्यप, कोषाध्यक्ष कौशल आडिल, सचिव केदार कश्यप, महेंद्र वर्मा, शरद बघेल, संदीप मिश्रा, यादोराम देवांगन, भूषण वर्मा, चंदू ठाकुर, बीरेंद्र वर्मा, वेदनारायन वर्मा,मीना वर्मा, उर्वशी वर्मा, रश्मि भेद वर्मा, देवेन्द्र चंद्रवंशी, विपिन बंछोर, पुरुषोत्तम कश्यप पार्षद, भारती वर्मा, सरस कश्यप, सुनील वर्मा, नागेंद्र वर्मा, आशाराम वर्मा, तीर्थ देवांगन, जस्सू वर्मा, कमलेश वर्मा, रानी केशव बंछोर, किरण बंछोर, लीलाधर वर्मा, कामिनि धुरंधर, नेहा बाबा वर्मा, पुरेन्द्र वर्मा,धीरेन्द्र वर्मा, महेश वर्मा, ग.म.कु.क्ष.समाज पाटन राज के समस्त पदाधिकारीगण, क्षेत्र प्रधान गण, युवा अध्यक्ष राकेश आडिल एवं महिला अध्यक्ष रंजना वर्मा सहित हजारो की संख्या में श्रद्धालु गण उपस्थित रहे।*
