भिलाई। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के शोध प्रकोष्ठ के तत्कालीन कर्मचारी ओपी मिश्रा व अन्य के खिलाफ विश्वविद्यालय की गोपनीय दस्तावेजों की चोरी कर सोशल मीडिया में पोस्ट करने के आरोप में विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा नेवई थाना में करवाया गया एफआईआर दर्ज।विदित हो की विश्वविद्यालय में कार्यरत रहते हुए ओपी मिश्रा के विरुद्ध सहकर्मी महिला के साथ अभद्रता व महिला उत्पीड़न करने के मामले में छत्तीसगढ़ के मान. राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा गठित जाचं समिति ने दोषी पाया था। जिसके बाद तत्कालीन कुलपति डॉ. एम के वर्मा ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थी।विश्वविद्यालय में समस्त प्रशासनिक दस्तावेज स्थापना शाखा तथा कुल सचिव कार्यालय में सुरक्षित रखा जाता है। दिनांक 01-10-2024 को विश्वविद्यालय से गोपनीय दस्तावेज जैसे छत्तीसगढ़ शासन से प्राप्त पत्र क्रमांक एफ/2-9/2023/ तक शि./42 नवा रायपुर अटल नगर दिनांक 22-03-2024 की प्रति की आश्यकता होने से ढूंढा जा रहा था कि कुलसचिव को स्टाफ के लोगों से जानकारी हुआ कि उक्त दस्तावेज पूर्व कर्मचारी ओम प्रकाश मिश्रा एवं अन्य के सोशल मिडिया एकाउंट टवीटर एकाउंट X@opmchitrakoot व X@02dec87 तथा फेसबुक एकाउंट Om Prakash Mishra (facebook. com/omprakash.mishra.524) में पोस्ट होने की जानकारी मिली तदुपरांत अवलोकन करने पर उक्त गोपनीय दस्तावेज विश्वविद्यालय के तत्कालीन कर्मचारी ओम प्रकाश मिश्रा व अन्य के सोशल एकाउंट पर पोस्ट होना पाया गया। इसी प्रकार ओपी मिश्रा द्वारा राजभवन, तकनीकी शिक्षा विभाग तथा संचालनालय से प्राप्त अन्य गोपनीय दस्तावेज भी उक्त सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर अपलोड किया हुआ पाया गया है। विश्वविद्यालय के गोपनीय दस्तावेजों को चोरी कर दस्तावेज सोशल मिडिया पोस्ट कर गोपनीयता भंग किया गया है जिससे विश्वविद्यालय की छवि धूमिल भी हो रही है वहीं विश्वविद्यालय के और भी महत्वपूर्ण गोपनीय दस्तावेजों की चोरी की भी चर्चा है जिसकी समीक्षा की जा रही है आरोपियों पर कार्यवाही हेतु कुलसचिव ने करवाया एफआईआर दर्ज जल्द हो सकती है आरोपियों की गिरफ्तारी।
सीएसव्हीटीयू के तत्कालीन कर्मचारी ओपी मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज
